खास बातें
- वित्तमंत्री प्रणव मुखर्जी ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि प्रत्यक्ष कर संहिता 1 अप्रैल, 2012 से लागू हो जाएगी, जो आयकर कानून, 1961 की जगह लेगी।
New Delhi: वित्तमंत्री प्रणव मुखर्जी ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि प्रत्यक्ष कर संहिता (डीटीसी) 1 अप्रैल, 2012 से लागू हो जाएगी, जो आयकर कानून, 1961 की जगह लेगी। एक निजी समाचार चैनल के साथ भेंटवार्ता में मुखर्जी ने कहा, अगर हमें संसद के शीतकालीन सत्र में स्थायी समिति की रपट मिल जाती है, तो इसे एक अप्रैल, 2012 से लागू करने में कोई समस्या नहीं होगी। डीटीसी एक महत्वाकांक्षी कर सुधार है, जो आधी सदी पुराने प्रत्यक्ष कर कानून की जगह लेगी। वस्तु एवं सेवाकर के बारे में मुखर्जी ने कहा कि, हम पटरी पर हैं, इसमें कुछ प्रगति हुई है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य के वित्तमंत्रियों की अधिकार प्राप्त समिति जीएसटी को लागू करने के लिए बातचीत कर रहे हैं। जीएसटी विधेयक को संसद के अलावा आधे राज्य विधानसभाओं द्वारा पारित किए जाने की जरूरत है। एक बार लागू हो जाने पर जीएसटी में ज्यादातर अप्रत्यक्ष कर समाहित हो जाएंगे। आर्थिक परिदृश्य के बारे में मुखर्जी ने कहा कि कृषि उत्पादन बेहतर रहने की उम्मीद है। इसके अलावा, प्रमुख क्षेत्र के उद्योगों के बेहतर प्रदर्शन से आगामी तिमाहियों में देश को आर्थिक वृद्धि हासिल करने में मदद मिलेगी। उल्लेखनीय है कि रिजर्व बैंक ने 2011-12 के लिए 8 प्रतिशत की आर्थिक वृद्धि दर का अनुमान जताया है, जबकि प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद ने इसके 8.2 प्रतिशत रहने का अनुमान व्यक्त किया है। हालांकि, चालू वित्तवर्ष की पहली तिमाही में देश की आर्थिक वृद्धि दर 7.7 प्रतिशत रही, जो बीते वित्तवर्ष की इसी अवधि में 8.8 प्रतिशत थी।