यह ख़बर 17 अगस्त, 2011 को प्रकाशित हुई थी

महंगाई से निपटने को सरकार मानसून पर आश्रित

खास बातें

  • प्रणब ने कहा कि सरकार को उम्मीद है कि आरबीआई द्वारा मुख्य दरों में की गई वृद्धि और बेहतर मानसून से महंगाई का दबाव कम करने में मदद मिलेगी।
नई दिल्ली:

केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने मंगलवार को कहा कि सरकार को उम्मीद है कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा मुख्य दरों में की गई वृद्धि और बेहतर मानसून से महंगाई का दबाव कम करने में मदद मिलेगी। मुखर्जी ने यहां संवाददाताओं से कहा, "कृषि उत्पाद के कुछ क्षेत्रों में आपूर्ति श्रंखला की बाधा हटाने और आरबीआई द्वारा अपनाई गई मौद्रिक नीतियों से महंगाई को कम करने में मदद मिलेगी।" उन्होंने कहा कि महंगाई को कम करने के लिए सरकार आरबीआई के साथ मिलकर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि मानसून से खाद्य पदार्थो के क्षेत्र में मांग और पूर्ति का अंतर कम होगा, जिससे खाद्य पदार्थो की महंगाई से निजात मिलेगी। मुखर्जी मंगलवार को जारी थोक कीमतों पर आधारित महंगाई सूचकांक के ताजा आंकड़ों पर प्रतिक्रिया दे रहे थे। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय द्वारा मंगलवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक थोक कीमतों पर आधारित महंगाई दर जुलाई माह के लिए मामूली गिरावट के साथ 9.22 फीसदी दर्ज की गई है, जो इससे पिछले माह 9.44 फीसदी पर थी। योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया ने कहा कि महंगाई दर कम होने की उम्मीद की जा रही थी, हालांकि यह अभी भी ऊंचे स्तर पर है, इसलिए सरकार चौकस है। आरबीआई ने महंगाई कम करने के लिए मार्च 2010 के बाद से मुख्य दरों में 11 बार वृद्धि की है। महंगाई की दर हालांकि अभी भी उसके द्वारा बताए गए 4-5 फीसदी के सुविधाजनक स्तर से काफी ऊपर है।


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