खास बातें
- उड़ीसा सरकार ने आश्वासन दिया था कि पोस्को के परियोजना स्थल में कोई आदिवासी नहीं हैं। रमेश ने पीपीएससी सदस्यों के पत्र का हवाला दिया।
New Delhi: पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश ने उड़ीसा सरकार के आश्वासन को खारिज करते हुए पोस्को की 52,000 करोड़ रुपये की इस्पात परियोजना को मिली वन मंजूरी पर गुरुवार को रोक लगा दी। उड़ीसा सरकार ने आश्वासन दिया था कि पोस्को के परियोजना स्थल में कोई आदिवासी नहीं हैं। रमेश ने पोस्को प्रतिरोध संघर्ष समिति (पीपीएससी) के सदस्यों के पत्र का हवाला दिया। समिति के सदस्यों का दावा है कि वे परियोजना के लिए आबंटित क्षेत्र के पारंपरिक वनवासी हैं। पत्र में धिनकिया और गोबिंदपुर की गांव परिषद द्वारा किए गए निर्णय के बारे में चर्चा की गई है जिन पर राज्य सरकार के संबंधित अधिकारियों द्वारा विचार नहीं किया गया है। रमेश ने पाया कि उड़ीसा सरकार ने उक्त संघर्ष समिति द्वारा जमा किए गए दस्तावेजों की प्रमाणिकता से इनकार किया था। उन्होंने कहा, मेरा मानना है कि इन दो संकल्पों को वनाधिकार कानून, 2006 के मुताबिक, उचित प्राधिकारों द्वारा देखा जाना चाहिए। रमेश ने कहा कि वह पहले ही पीपीएससी के प्रतिनिधियों को उड़ीसा के मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव के पास भेज चुके हैं।