यह ख़बर 06 जून, 2012 को प्रकाशित हुई थी

बुनियादी ढांचा सुधारने को मनमोहन लाए रोडमैप

खास बातें

  • प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने 9 प्रतिशत आर्थिक वृद्धि दर की राह पर लौटने के लिए चालू वित्त वर्ष में बुनियादी ढांचागत क्षेत्र में कम से कम 2 लाख करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य रखा।
नई दिल्ली:

सरकार ने बुनियादी ढांचा सुधारने की कोशिश शुरू कर दी है। अब सारा जोर कनेक्टिविटी पर है।

मनमोहन सिंह ने तरक्की का रोडमैप तैयार कर लिया है। बुनियादी सहूलियतों पर अहम बैठक के बाद जो बातें सामने आईं उनमें सारा ज़ोर संपर्क बढ़ाने पर है।

इस बैठक में एक साल में 9500 किलोमीटर की नई सड़कें बनाए जाने का फैसला किया गया है।

4000 किलोमीटर सड़कों की मरम्मत होगी। मुंबई और अहमदाबाद के बीच बुलेट ट्रेन चलाई जाएंगी।

नवी मुंबई गोवा और कन्नूर में नए एअरपोर्ट बनेंगे। इसके साथ ही लखनऊ, वारणसी, कोयंबटूर, त्रिची और गया में नए इंटरनेशनल एअरपोर्ट बनाए जाएंगे।

इन सबके अलावा, प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने 9 प्रतिशत आर्थिक वृद्धि दर की राह पर लौटने के लिए चालू वित्त वर्ष में बुनियादी ढांचागत क्षेत्र में कम से कम 2 लाख करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य रखा। इसके साथ ही उन्होंने आगाह किया कि देश इस समय अधिक कठिन दौर से गुजर रहा है।

बुनियादी ढांचा से संबद्ध मंत्रियों की बैठक में सिंह ने कहा कि पिछले आठ साल में उल्लेखनीय आर्थिक वृद्धि हासिल करने तथा दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में उभरने के बाद भारत अब ‘कठिन दौर से गुजर रहा है।’ उन्होंने कहा, ‘इस कठिन समय में निवेश तथा कारोबारी धारणाओं को सुधार के लिए हमें सार्वजनिक एवं निजी दोनों क्षेत्रों में हरसंभव कदम उठाने होंगे।’

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘हमें एक ऐसे माहौल को बनाने के लिए काम करना चाहिए जो कि निवेश के अनुकूल हो और जिसमें आर्थिक वृद्धि के रास्ते में आने वाले अड़चनों को दूर किया जाए। एक सरकार के तौर पर हम मौजूदा स्थिति को बदलने और भारत को फिर से तीव्र वृद्धि की रास्ते पर लाने के लिए जरुरी उपाय करने को प्रतिबद्ध हैं।’

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बैठक में बिजली, सड़क, जहाजरानी, नागर विमानन तथा कोयला मंत्री एवं इन मंत्रालयों के अधिकारियों के अलावा योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया ने भाग लिया।