खास बातें
- प्रधानमंत्री ने कहा कि यदि मौजूदा विकास दर बनी रहे, तो 2025 तक भारत दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है।
कोलकाता: प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने सोमवार को कहा कि यदि मौजूदा विकास दर बनी रहे, तो 2025 तक भारत दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है। उन्होंने हालांकि माना कि अगले पांच साल में नौ फीसदी आर्थिक विकास दर का लक्ष्य हासिल करना मौजूदा वैश्विक आर्थिक हालात को देखते हुए कठिन है। भारतीय प्रबंधन संस्थान, कोलकाता के स्वर्णजयंती समारोह में अपने वक्तव्य में प्रधानमंत्री ने कहा, "चूंकि हम 11वीं पंचवर्षीय योजना अवधि में लगभग 8.2 प्रतिशत वृद्धि दर हासिल कर चुके हैं, लिहाजा ऐसा लग सकता है कि नौ प्रतिशत वृद्धि दर हासिल करना कठिन नहीं है।" प्रधानमंत्री ने कहा, "वैश्विक अर्थव्यवस्था के मौजूदा हालात को देखते हुए वैसे वास्तव में यह एक बहुत महत्वाकांक्षी लक्ष्य है। औद्योगीकृत देशों में सम्भावनाओं और वैश्विक पूंजी बाजार पर उनके असर को लेकर वैश्विक अर्थव्यवस्था की स्थिति अनिश्चितताओं से भरी हुई है।" मनमोहन सिंह, जिन्हें देश के आर्थिक सुधार का रचयिता माना जाता है, ने कहा कि आर्थिक सुधार का शुरू में विरोध हुआ था, लेकिन बाद की सभी केंद्र सरकारों ने उसे आगे बढ़ाया। उन्होंने कहा कि अलग-अलग सरकारों ने हालांकि अलग-अलग विषय पर अधिक ध्यान दिया, लेकिन सभी की दिशा एक ही रही। राज्य सरकारों ने भी इस दिशा में सुधार किए। उन्होंने कहा कि सुधार की प्रक्रिया धीरे-धीरे लागू करने से इसका असर सामने आने में समय लगा, लेकिन अब तक इसका असर स्पष्ट हो चुका है। उन्होंने कहा, "यदि हमारा इसी तरह से विकास जारी रहा, तो 2025 तक हमारा सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) दुनिया में तीसरा सबसे अधिक हो जाएगा।" अमेरिका की साख घटाए जाने तथा अमेरिका सहित यूरोप के दोहरी मंदी की चपेट में आने की आशंका से दुनिया भर के निवेशकों में घबराहट फैल गई है और माना जा रहा है कि आने वाले समय में मांग में गिरावट आ सकती है। मनमोहन सिंह ने कहा, "हमारी अपनी अर्थव्यवस्था भी पिछले वर्ष की तुलना में सुस्त हुई है और इस वर्ष की वृद्धि दर आठ प्रतिशत या इससे थोड़ी अधिक हो सकती है। ऐसे वातावरण के बावजूद हमें नौ प्रतिशत वृद्धि दर का लक्ष्य रखना चाहिए। ऐसा इसलिए, क्योंकि हम आज के लिए नहीं, बल्कि 2012-13 से 2016-17 तक की पांच वर्ष की अवधि के लिए योजना बना रहे हैं।" अतीत में जापान और कोरिया जैसे एशियाई देशों की उच्च वृद्धि दर और पिछले दो दशक में चीनी अर्थव्यवस्था की तीव्र वृद्धि दर का उदाहरण सामने रखते हुए मनमोहन सिंह ने कहा कि आधारभूत संरचना बढ़ाकर और व्यापक सुधारों को लागू कर हमारा देश भी तीव्र वृद्धि दर हासिल कर सकता है। सिंह ने कहा, "हमारा देश भी ऐसा प्रदर्शन को दोहराने में सक्षम है। लेकिन हमें यह याद रखना होगा कि ऐसा स्वत: और कामकाज को सामान्य तरीके से चलाते हुए सम्भव नहीं होगा। हमें नौ प्रतिशत वृद्धि दर हासिल करने के लिए कई कठिन चुनौतियों से उबरना होगा।"