यह ख़बर 24 मार्च, 2012 को प्रकाशित हुई थी

पेट्रोलियम दामों में हो सकती है वृद्धि

खास बातें

  • लोगों को ऑटो एवं घरेलू ईंधन की कीमतों में एक बार फिर वृद्धि का सामना करना पड़ सकता है क्योंकि कच्चे तेल के बढ़ते दाम और सरकारी तेल विपणन कम्पनियों (ओएमसी) के दबाव के चलते सरकार ईंधन के दामों की समीक्षा करने पर विचार कर रही है।
नई दिल्ली:

लोगों को ऑटो एवं घरेलू ईंधन की कीमतों में एक बार फिर वृद्धि का सामना करना पड़ सकता है क्योंकि कच्चे तेल के बढ़ते दाम और सरकारी तेल विपणन कम्पनियों (ओएमसी) के दबाव के चलते सरकार ईंधन के दामों की समीक्षा करने पर विचार कर रही है।

केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री जयपाल एस. रेड्डी ने शुक्रवार को पत्रकारों से कहा, "हमारे मंत्रालय की सोच है कि सभी पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों पर फिर से विचार किए जाने की जरूरत है।"

रेड्डी ने हालांकि, यह भी कहा कि कीमतों में वृद्धि एक संवेदनशील मुद्दा है। संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार की सहयोगी तृणमूल कांग्रेस और विपक्षी पार्टियां कीमतों में वृद्धि का विरोध कर सकती हैं।

रेड्डी ने कहा,, "हम एक वास्तविक दुनिया में रहते हैं। फैसले के लिए मुझे विशेषाधिकार प्राप्त मंत्रियों के समूह की बैठक में जाना होगा।"

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उल्लेखनीय है कि इंडियन ऑयल और हिंदुस्तान पेट्रोलियम ने सरकार से करीब 4500 करोड़ रुपये देने की मांग की है क्योंकि कम्पनियों ने गत दिसम्बर से अपनी कीमतों की समीक्षा नहीं की है।