खास बातें
- रिजर्व बैंक ने स्पष्ट किया है कि 10 लाख रुपये तक के आवास ऋण पर मिलने वाली ब्याज रियायत प्रावासी भारतीयों पर लागू नहीं होती है।
मुंबई: रिजर्व बैंक ने स्पष्ट किया है कि 10 लाख रुपये तक के आवास ऋण पर मिलने वाली ब्याज रियायत प्रावासी भारतीयों पर लागू नहीं होती है। बैंक 10 लाख रुपये तक के आवास ऋण पर ब्याज में एक प्रतिशत रियायत देते हैं। रिजर्व बैंक ने एक अधिसूचना में कहा है, फार्म हाउस बनाने के लिए प्रवासियों को दिए जाने वाले आवास ऋण और बैंक स्टाफ को दिए जाने वाले आवास ऋण ब्याज सब्सिडी योजना के योग्य पात्र नहीं हैं। केन्द्रीय बैंक ने कहा है कि उसकी यह अधिसूचना हाल में इस संबंध में जारी सरकारी स्पष्टीकरण के बाद जारी की गई है। केन्द्र सरकार ने 2009-10 के आम बजट में एक रियायत आवास ऋण योजना घोषित की थी। इसमें 10 लाख रुपये तक के व्यक्तिगत आवास ऋण पर ब्याज में एक प्रतिशत तक की छूट देने का प्रावधान किया गया था बशर्ते कि मकान की कीमत 20 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। ये योजना 30 सितंबर 2010 तक वैद्य थी। इसके लिये बजट में 1,000 करोड रुपये का आवंटन किया गया था। पिछले बजट में इस योजना को 31 मार्च 2011 तक के लिए बढ़ा दिया गया था और 700 रुपये का अतिरिक्त आवंटन किया गया था।