खास बातें
- राष्ट्रपति पाटिल ने कहा कि काले धन के खिलाफ़ कई कदम उठाए गए। उनका दावा है कि सरकार विकास दर 8 से 9 फ़ीसदी तक ले जाएगी।
नई दिल्ली: सरकार ने सोमवार को आंतरिक एवं बाहरी सुरक्षा के साथ साथ आजीविका एवं आर्थिक सुरक्षा सहित पांच बडी चुनौतियों से निपटने की दिशा में काम करने का संकल्प व्यक्त करते हुए विश्वास जताया कि भारत आठ से नौ प्रतिशत की ऊंची विकास दर की स्थिति में वापस आ जाएगा।
राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने संसद के बजट सत्र के पहले दिन पारंपरिक रूप से दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए कहा, ‘आज देश के समक्ष पांच प्रमुख चुनौतियां हैं, जिन पर मेरी सरकार काम करेगी... आबादी के एक बडे हिस्से को आजीविका सुरक्षा प्रदान करने के लिए सतत प्रयास करना तथा देश से गरीबी, भूख और निरक्षरता समाप्त करने के लिए कार्यरत रहना।’
उन्होंने दूसरी बड़ी चुनौती की चर्चा करते हुए कहा, ‘त्वरित एवं व्यापक विकास तथा जनता के लिए आजीविका आधारित कार्यों का सृजन करते हुए आर्थिक सुरक्षा प्राप्त करना।’
प्रतिभा पाटिल ने तीन अन्य चुनौतियों में त्वरित विकास के लिए उर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करना, पारिस्थितिकीय एवं पर्यावरण सुरक्षा को जोखिम में डाले बिना विकास लक्ष्य प्राप्त करना तथा न्यायसंगत, बहुलवाद, पंथनिरपेक्ष तथा समावेशी लोकतंत्र के दायरे में देश की आंतरिक और बाहरी सुरक्षा सुनिश्चित करना गिनाया।
प्रतिभा ने कहा कि न्यायिक मानक एवं जवाबदेही विधेयक भी पेश किया गया। भारत ने भ्रष्टाचार के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र संघ संधि का अनुमोदन किया है। ये सभी भ्रष्टाचार को रोकने में रूपांतरकारी परिवर्तन कराने और शासनतंत्र में पारदर्शिता एवं जवाबदेही बढ़ाने में सक्षम होंगे। पाकिस्तान की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा, ‘हम पाकिस्तान के साथ सभी लंबित मामलों का हल बातचीत के जरिए करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह ध्यान में रखते हुए कि पाकिस्तान के लिए आवश्यक है कि वह अपनी जमीन पर आतंकवादी गुटों और उनसे संबंधित ढांचे के खिलाफ ठोस कार्रवाई करे, अब तक हुई प्रगति को हम आगे बढाना चाहेंगे।’
काले धन की चर्चा करते हुए पाटिल ने कहा कि सरकार काले धन की समस्या से निपटने के लिए विविध मोचरें पर कार्रवाई शुरू कर चुकी है। इस क्रम में बेनामी संव्यवहार कानून बन चुका है और धन शोधन निवारण कानून में संशोधन किया गया है। देश के भीतर और बाहर मौजूद काले धन का आकलन करने के लिए कई स्वतंत्र एजेंसियों द्वारा अध्ययन कराया जा रहा है।
राष्ट्रपति ने कहा, ‘हम देश में अवैध निधियों के सृजन और उनके देश से बाहर जाने को रोकने के लिए कई कदम उठा रहे हैं तथा विदेश से काले धन संबंधी व्यापक सूचना प्राप्त करने के लिए चैनल स्थापित कर रहे हैं।’ अमेरिका और यूरोप सहित दुनिया के विभिन्न देशांे के साथ भारत के संबंधों की चर्चा करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि दुनिया की महाशक्तियों के साथ हमारी भागीदारी बढ़ रही है। अमेरिका हमारा अहम सामरिक साझेदार है, जिसके साथ हमारे बहुआयामी संबंध हैं और जो हमारे राष्ट्रीय हितों पर आधारित हैं। यूरोपीय संघ और उसके सदस्य देशों के साथ भारत के संबंध साझा मूल्यों और बढ़ते वाणिज्यिक, आर्थिक एवं जनता के परस्पर संबंधों पर आधारित हैं।
आधार योजना का जिक्र करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि यह योजना सामाजिक क्षेत्र के कार्यक्रमों की उपलब्धता, जवाबदेही और पारदर्शिता में सुधार लाने में सहायक साबित होगी और इससे लोगों की वित्तीय समावेशिता बढ़ेगी। शिक्षा के बारे में उन्होंने कहा कि शिक्षा के अधिकार के सुदृढ आधार पर कौशल प्रशिक्षण को शिक्षा के सभी स्तरों पर जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है। राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त योग्यता पद्धति के विकास हेतु समान सिद्धांत और दिशानिर्देश तय करने के लिए राष्ट्रीय व्यावसायिक शिक्षा योग्यता व्यवस्था कायम की जा रही है।
उन्होंने कहा कि 2012-13 में सरकार का लक्ष्य 85 लाख लोगों को और 12वीं योजना में कुल 800 लाख लोगों को कौशल प्रशिक्षण प्रदान करना है। देश में सार्वजनिक-निजी भागीदारी के तहत सरकार 13 हजार करोड रूपये की अनुमानित लागत से 1500 नये औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों और पांच हजार कौशल विकास केन्द्रों की स्थापना करेगी।
स्वास्थ्य क्षेत्र में सरकारी खर्च कम होने का उल्लेख करते हुए प्रतिभा ने कहा, ‘पिछले सात साल के दौरान स्वास्थ्य क्षेत्र में लगातार बढते निवेश के बावजूद स्वास्थ्य मद पर सरकारी खर्च अभी भी कम है। सभी लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने का लक्ष्य प्राप्त करने के लिए मेरी सरकार 12वीं योजना के अंत तक केन्द्र और राज्यों के कुल योजनागत एवं गैर योजनागत व्यय को बढाकर सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के ढाई प्रतिशत तक ले जाने का प्रयास करेगी।’
प्रतिभा पाटिल ने कहा कि 12वीं योजना की समाप्ति तक राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत करीब सात करोड परिवारों को स्वास्थ्य बीमा सुरक्षा प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि 14 साल से कम आयु के बच्चों को रोजगार में लगाने से रोकने के लिए बाल श्रम (प्रतिषेध और विनियमन) कानून में महत्वपूर्ण संशोधन किया जाएगा। ‘बच्चों की जगह स्कूल में है, कामकाज की जगहों पर नहीं।’ सामाजिक क्षेत्र की विभिन्न योजनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि रेहडी पटरी पर सामान बेचकर जीविका अर्जित करने वाले लाखों लोगों के हितों की सुरक्षा करने तथा उनके विकास के लिए सरकार नया कानून बनाने पर काम कर रही है। सिर पर मैला ढोने की प्रथा खत्म करने और अस्वच्छ शौचालयों को समाप्त करने के लिए संसद में नया विधेयक पेश किया जाएगा।
राष्ट्रपति ने कहा कि सरकार नि:शक्त लोगों के लिए मौजूदा कानून के स्थान पर नया कानून बनाने पर भी विचार कर रही है। वरिष्ठ नागरिकों के लिए राष्ट्रीय परिषद का गठन किया जा रहा है जो आबादी के इस महत्वपूर्ण वर्ग के लिए व्यापक भागीदारी आधारित फोरम के तौर पर कार्य करेगी।
अल्पसंख्यकों को अन्य पिछडे वर्ग के 27 प्रतिशत आरक्षण में से 4.5 प्रतिशत कोटा देने का वायदा दोहराते हुए उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यक बहुल जिलों के लिए बहु क्षेत्रीय विकास कार्यक्रम से 90 जिलों के सामाजिक-आर्थिक ढांचे में 3500 करोड रुपये से अधिक निवेश करने में सफलता मिली है।
राष्ट्रपति ने कहा कि शहरी क्षेत्रों में आजीविका सुनिश्चित करने के लिए सरकार जल्द ही राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन शुरू करेगी, जो व्यापक स्तर पर कारीगरों के कौशल का उन्नयन, उद्यमिता विकास और रोजगार तथा स्वरोजगार के अवसर पैदा करने का काम करेगा। उन्होंने कहा कि जवाहरलाल नेहरू राष्ट्रीय शहरी विकास मिशन के कार्यान्वयन से प्राप्त अनुभवों के आधार पर इस कार्यक्रम का अगला चरण शुरू किया जाएगा। अब मिशन में महानगरों या बड़े शहरों की जगह प्रथम श्रेणी और मध्यम नगरों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
प्रतिभा ने कहा कि सरकार शहरों में रहने वाले बेघर और बेसहारा लोगों की जरूरतों को पूरा करने को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है और ‘मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी है कि हम एक नया .. शहरी बेघर लोगों के लिए राष्ट्रीय कार्यक्रम .. शुरू कर रहे हैं।’ परमाणु संयंत्रों की स्थापित क्षमता 12वीं योजना के अंत तक 10080 मेगावाट होने की उम्मीद व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम को लागू करने में समाज के किसी भी वर्ग की सुरक्षा और उनकी आजीविका अर्जन से किसी प्रकार का कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
भारतीय सेना की चर्चा करते हुए प्रतिभा ने कहा कि सेना के तीनों अंगों को आधुनिक और विकसित बनाने के लिए सक्रिय उपाय किये जा रहे हैं, ताकि तटीय सुरक्षा सहित सुरक्षा संबंधी समस्या भावी चुनौतियों का सामना करने में सक्षम हों।
वामपंथी उग्रवाद के बारे में उन्होंने कहा कि सरकार ने नक्सल प्रभावित इलाकों में विकास के कई उपाय किये हैं। 3300 करोड रुपये की एकीकृत कार्ययोजना के जरिए विकास कार्य हुआ है। पहले यह योजना 60 जिलों में लागू थी लेकिन अब इसका विस्तार 78 जिलों तक कर दिया गया है।