यह ख़बर 14 अगस्त, 2012 को प्रकाशित हुई थी

भारत आने का अफसोस नहीं, एक साल में स्थिति बदलेगी : टेलीनॉर

खास बातें

  • टेलीनॉर ने कहा है कि उसके दूरसंचार उद्यम यूनिनॉर के समक्ष आ रही परेशानियों के बावजूद उसे भारतीय बाजार में उतरने का अफसोस नहीं है।
हैदराबाद:

टेलीनॉर ने कहा है कि उसके दूरसंचार उद्यम यूनिनॉर के समक्ष आ रही परेशानियों के बावजूद उसे भारतीय बाजार में उतरने का अफसोस नहीं है। टेलीनॉर ने कहा कि वह जल्द एक नए भागीदार की तलाश का काम पूरा कर लेगी, जो दूरसंचार और रीयल एस्टेट क्षेत्र से नहीं होगा। नवगठित इकाई में उसके पास 74 फीसदी की हिस्सेदारी होगी।

यूनिनॉर के प्रबंध निदेशक और कार्यकारी उपाध्यक्ष तथा नॉर्वे की कंपनी टेलीनॉर के एशियाई परिचालन के प्रमुख सिग्वे ब्रेके ने कहा कि भारतीय उद्यम अगले साल तक लाभ की स्थिति में आ जायेगा।

ब्रेके ने कहा, तीन साल के परिचालन के बाद 2013 तक लाभ की स्थिति में आना काफी महत्वाकांक्षी लक्ष्य है, हालांकि इसे हासिल किया जा सकता है। टेलीनॉर अपने भारतीय भागीदार यूनिटेक के साथ संयुक्त उद्यम को खत्म करना चाहती है। यूनिनॉर में यूनिटेक की हिस्सेदारी 32.75 फीसदी है। शेष हिस्सेदारी टेलीनॉर के पास है।

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यह पूछे जाने पर कि क्या उन्हें भारतीय बाजार में उतरने का अफसोस है, ब्रेके ने कहा, उनका छोटा-सा जवाब है, नहीं। एक अन्य सवाल पर उन्होंने कहा कि हमारी नए भागीदारों को लेकर बातचीत हो रही है। अभी मैं उनका नाम नहीं बता सकता। हम अपनी परिसंपत्तियों को नई कंपनी में स्थानांतरित करने के लिए भी कदम उठा रहे हैं।