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- केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने शनिवार को कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था में कमजोरी के संकेत को लेकर वे चिंतित हैं लेकिन निराश नहीं हैं, साथ ही उन्होंने कहा कि बाजार की स्थिति में सुधार लाने के लिए केंद्र सरकार सोमवार को उपायों की घोषणा करेगी।
कोलकाता: केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने शनिवार को कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था में कमजोरी के संकेत को लेकर वे चिंतित हैं लेकिन निराश नहीं हैं, साथ ही उन्होंने कहा कि बाजार की स्थिति में सुधार लाने के लिए केंद्र सरकार सोमवार को उपायों की घोषणा करेगी।
मुखर्जी ने कहा, "पिछले दिन आर्थिक मामलों के सचिव ने भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर डीवी सुब्बाराव से मुलाकात की थी। हम कुछ कदम उठा पाएंगे, जिसकी घोषणा सोमवार को की जाएगी और जिससे बाजार की स्थिति में सुधार आएगा।"
भारतीय अर्थव्यवस्था पर दबाव स्वीकार करते हुए उन्होंने कहा कि आर्थिक विकास दर 6.5 फीसदी रही, महंगाई है और डॉलर के मुकाबले रुपये का अवमूल्यन हुआ है।
भारत की आर्थिक स्थिति को वैश्विक स्थिति से जोड़ते हुए उन्होंने कहा, "भारतीय अर्थव्यवस्था में कमजोरी के संकेत को लेकर कोई संदेह नहीं है। कृपया यह ध्यान रखिए कि जब पूरी दुनिया में अनिश्चितता बनी हुई है, तब कोई भी देश यह उम्मीद नहीं कर सकता कि वहां सिर्फ विकास होगा।" उन्होंने कहा, "खासकर भारत जैसे बड़े देश से यह उम्मीद नहीं की जा सकती कि वह बाहरी प्रभाव से अछूता रहेगा।" उन्होंने कहा, "इसलिए मुझे चिंता है, लेकिन मैं निराश नहीं हूं।" मुखर्जी ने हालांकि कहा कि देश की बुनियाद मजबूत है। विदेशी संस्थागत निवेश (एफआईआई) के जरिए 2012 की जनवरी से जून तक देश में आठ अरब डॉलर का निवेश हुआ, जबकि पिछले साल इसी अवधि में एफआईआई प्रवाह नकारात्मक था।