खास बातें
- केंद्र सरकार ने बुधवार को दूरसंचार क्षेत्र के लिए नए नियमों की घोषणा की। नए नियमों में इस क्षेत्र में विलय और अधिग्रहण के नियम सरल किए गए हैं।
नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने बुधवार को दूरसंचार क्षेत्र के लिए नए नियमों की घोषणा की। नए नियमों में इस क्षेत्र में विलय और अधिग्रहण के नियम सरल किए गए हैं।
केंद्रीय संचार मंत्री कपिल सिब्बल ने लाइसेंस, स्पेक्ट्रम और विलय के नियमों को नियंत्रित करने वाले बदलावों को पढ़कर सुनाते हुए कहा, "विलय के बाद बनी नई कम्पनी की 35 फीसदी बाजार हिस्सेदारी तक विलय को सरलता और तेजी से मंजूरी दी जाएगी।"
सिब्बल ने कहा कि सभी कम्पनियों को स्पेक्ट्रम की सीमा का ध्यान रखना होगा और उन्हीं शर्तो में 35 फीसदी से अधिक विलय को मंजूरी मिलेगी, जिसमें सीमा का उल्लंघन नहीं हुआ हो।
सर्वोच्च न्यायालय द्वारा 2008 में आवंटित 122 लाइसेंसों को रद्द करने के आदेश से टेलीनॉर, सिस्टेमा और एटिसलैट जैसी विदेशी कम्पनियां प्रभावित होंगी। कई प्रभावित कम्पनियों ने देश में इस कारोबार से बाहर निकलने की मंशा जाहिर की है। इससे दूरसंचार कारोबार में एकीकरण बढ़ने का अनुमान है।
मंत्री ने कहा कि भविष्य के सभी लाइसेंस एकीकृत लाइसेंस होंगे और स्पेक्ट्रम आवंटन को लाइसेंस से अलग किया जाएगा।
उन्होंने कहा, "जरूरत होने पर स्पेक्ट्रम अलग से हासिल किया जा सकेगा।" उन्होंने कहा कि समान लाइसेंस सेवा क्षेत्र में 2जी स्पेक्ट्रम साझेदारी की अनुमति रहेगी और लाइसेंस का 10 सालों में नवीनीकरण किया जा सकेगा।
मंत्री ने कहा कि सेवा प्रदाता एक दूसरे के 2जी स्पेक्ट्रम में साझेदारी कर सकेंगे, लेकिन ऐसा 3जी स्पेक्ट्रम में नहीं किया जा सकेगा।