यह ख़बर 29 अगस्त, 2011 को प्रकाशित हुई थी

नया बैंक खोलने के लिए जरूरी हैं 500 करोड़ रुपये

खास बातें

  • रिजर्व बैंक ने निजी क्षेत्र में नए बैंकों के लिए लाइसेंस जारी करने के दिशानिर्देश का प्रारूप जारी किया है।
मुंबई:

रिजर्व बैंक ने निजी क्षेत्र में नए बैंकों के लिए लाइसेंस जारी करने के दिशानिर्देश का प्रारूप जारी किया है जिसमें नए बैंक खोलने के लिए न्यूनतम 500 करोड़ रुपये की पूंजी की आवश्यकता बताई गई है। बैंक ने दिशानिर्देश के प्रारूप को अपनी वेबसाइट पर डाला है। इसमें कहा गया है कि नए बैंक पूर्णस्वामित्व वाली गैर-संचालित होल्डिंग कंपनी (एनओएचसी) के जरिये ही स्थापित किए जा सकेंगे। रिजर्व बैंक के पास इनका पंजीकरण गैर-बैंकिंग वित्त कंपनी के तौर पर किया जाएगा और इन्हीं के पास बैंक तथा प्रवर्तक समूह की अन्य वित्त कंपनियों का मालिकाना हक होगा। नए बैंकों में विदेशी शेयरधारिता पहले पांच साल के दौरान 49 प्रतिशत से अधिक नहीं होगी उसके बाद यह उस समय की प्रचलित नीति के अनुसार होगी। दिशानिर्देशों के जारी प्रारूप में कहा गया है कि लाइसेंस मिलने के दो साल भीतर बैंक को शेयर बाजार में सूचीबद्ध होना होगा। केन्द्रीय बैंक ने दिशानिर्देश के प्रारूप पर बैंकों, गैर-बैंकिंग वित्तीय संस्थानों, उद्योग समूहों अन्य संस्थानों और आम जनता से प्रतिक्रिया मांगी है। रिजर्व बैंक ने कहा है कि उसके पास प्रतिक्रियाएं 31 अक्टूबर 2011 तक पहुंच जानी चाहिए। रिजर्व बैंक ने कहा है कि प्रतिक्रिया, टिप्पणियां और सुझाव मिलने के बाद निजी क्षेत्र में नए बैंक स्थापित करने के लिए अंतिम दिशानिर्देश जारी कर दिए जाएंगे और नए बैंकों के लिए आवेदन मंगाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।


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