खास बातें
- भारत ने कहा कि देश में बहु-ब्रांड खुदरा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की अनुमति देने के लिए राजनीतिक आम सहमति बनाने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।
एंटवर्प(बेल्जियम): भारत ने सोमवार को कहा कि देश में बहु-ब्रांड खुदरा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की अनुमति देने के लिए राजनीतिक आम सहमति बनाने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।
उच्च स्तरीय व्यापार प्रतिनिधिमंडल के साथ बेल्जियम की दो दिवसीय यात्रा पर यहां आए वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री आनंद शर्मा ने कहा कि सरकार विदेशी निवेश के नियमों को और अधिक मुक्त बनाने में लगी है।
आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार शर्मा ने ग्लोबल इंडिया बिजनेस मीटिंग को संबोधित करते हुए विदेशी निवेशकों को आश्वस्त किया कि देश में निवेश का बढ़िया माहौल है। इस मौके पर उन्होंने एफडीआई को उदार बनाने की दिशा में सरकार द्वारा उठाये जा रहे कदमों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने एकल ब्रांड खुदरा क्षेत्र में 100 प्रतिशत विदेशी प्रत्यक्ष निवेश का जिक्र किया।
शर्मा ने विश्वास जताया कि सरकार बहु-ब्रांड खुदरा क्षेत्र में एफडीआई की अनुमति को लेकर आम सहमति बना लेगी। भाजपा तथा संप्रग के प्रमुख सहयोगी तृणमूल कांग्रेस के विरोध के कारण सरकार ने बहु-ब्रांड खुदरा क्षेत्र में एफडीआई की अनुमति देने के निर्णय को टाल दिया।
उद्योग मंत्रालय इस मामले में आम सहमति बनाने के लिए राज्य सरकारों तथा अन्य संबंधित पक्षों एवं उपभोक्ता संगठनों से विचार विमर्श कर रहा है।