यह ख़बर 06 जून, 2012 को प्रकाशित हुई थी

अंतिम संस्कार को छोड़कर सभी सेवाओं पर लगेगा कर

खास बातें

  • वित्त मंत्रालय ने कहा कि एक जुलाई से निषेधात्मक सूची में शामिल 17 सेवाओं को छोड़कर अन्य सभी सेवाओं पर कर लगाया जाएगा।
नई दिल्ली:

वित्त मंत्रालय ने कहा कि एक जुलाई से निषेधात्मक सूची में शामिल 17 सेवाओं को छोड़कर अन्य सभी सेवाओं पर कर लगाया जाएगा।

निषेधात्मक सूची में शामिल सेवाएं कर दायरे से बाहर रहेंगी।

सरकार ने सेवाओं की परिभाषा का विस्तार किया है ताकि अधिक से अधिक सेवा क्षेत्र की गतिविधियों को इसके दायरे में लाया जा सके। फिलहाल 119 सेवाएं कर के दायरे में हैं।

बजट में सेवाओं की निषेधात्मक सूची का प्रावधान किया गया है। वित्त विधेयक को राष्ट्रपति का अनुमोदन प्राप्त होने के बाद वित्त मंत्रालय ने कहा कि नई सेवा कर प्रणाली एक जुलाई से लागू हो जाएगी।

बजट में सेवाकर की दर भी दो फीसद बढ़ाकर 12 फीसद कर दी गई।

मीटर वाली टैक्सी, ऑटो रिक्शा, मनोरंजन पार्क में प्रवेश, सामान और सवारियों का परिवहन, बिजली पारेषण और बिजली वितरण को निषेधात्मक सूची में रखा गया है। दाह संस्कार, मृतक को ले जाने वाली परिवहन सेवाओं को भी सेवाकर से बाहर रखा गया है।

कोचिंग क्लास और प्रशिक्षण संस्थान भी सेवाकर के दायरे में आएंगे हालांकि, स्कूल, विश्वविद्यालय की शिक्षा और मान्यता प्राप्त व्यावसायिक पाठ्यक्रमों पर कर नहीं लगेगा।

रेलगाड़ी में प्रथम श्रेणी और वातानुकूलित कोच में यात्रा करने वालों पर सेवा कर लगेगा। देश के सकल घरेलू उत्पाद में सेवा कर का योगदान करीब 60 फीसद है।

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सरकार ने 2012-13 के दौरान सेवा कर से 1.24 लाख करोड़ रुपये का राजस्व मिलने का अनुमान लगाया है।