खास बातें
- पांच सत्र में सेंसेक्स करीब 450 अंक टूट चुका है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 35.95 अंक की गिरावट के साथ 5,749.50 अंक पर बंद हुआ।
मुंबई: ऊंची मुद्रास्फीति के दबाव को काबू में रखने के लिए ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका के बीच स्थानीय शेयर बाजारों में बिकवाली दबाव जारी रहा और प्रमुख सूचकांकों में लगातार पांचवें दिन गिरावट दर्ज की गई। 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 156.06 अंक टूटकर 19,135.96 अंक पर आ गया। पांच सत्र में सेंसेक्स करीब 450 अंक टूट चुका है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 35.95 अंक की गिरावट के साथ 5,749.50 अंक पर बंद हुआ। बाजार विश्लेषकों का कहना है कि ब्याज दरों में घटबढ़ से प्रभावित होने वाले बैंकिंग और रीयल्टी क्षेत्र के शेयर बिकवाली का शिकार हुए क्योंकि निवेशकों को डर है कि रिजर्व बैंक मुद्रास्फीति पर अंकुश लगाने को ब्याज दरें और बढ़ा सकता है। रिजर्व बैंक की अगले सप्ताह होने वाली बैठक से पहले मशीन बनाने वाली कंपनियों, टिकाऊ उपभोक्ता उत्पाद, धातु और सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों के शेयरों को बिकवाली दबाव झेलना पड़ा। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के रुख से मुद्रास्फीति और बढ़ने की आशंका बनी हुई है। भारत कच्चे तेल की जरूरतों का 70 प्रतिशत से अधिक आयात करता है। इस बीच, भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर डी. सुब्बाराव ने वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी से मुलाकात की। अगले सप्ताह होने वाली सालाना मौद्रिक नीति की समीक्षा बैठक में नीतिगत दरें बढ़ाए जाने की संभावना है।