खास बातें
- राष्ट्रीय निर्माण नीति को मंजूरी देने के लिए जल्द ही मंत्रिमंडल बैठक करेगा, ताकि जीडीपी में निर्माण का योगदान 16% से बढ़कर 10 साल में 26% हो जाए।
New Delhi: सरकार ने बताया कि राष्ट्रीय निर्माण नीति को मंजूरी देने के लिए जल्द ही मंत्रिमंडल एक बैठक करेगा, ताकि सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में निर्माण का योगदान वर्तमान 16 फीसदी से बढ़कर अगले 10 साल में 26 फीसदी हो जाए और 10 करोड़ रोजगारों का सृजन हो सके। राज्यसभा में बुधवार को प्रश्नकाल के दौरान वाणिज्य और उद्योग मंत्री आनंद शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में गठित एक उच्च स्तरीय पैनल ने राष्ट्रीय निर्माण नीति को सैद्धांतिक तौर पर मंजूरी दे दी है। उन्होंने डॉ टी सुब्बीरामी रेड्डी के पूरक प्रश्न के जवाब में बताया कि इस नीति में विश्व स्तरीय ढांचागत सुविधाओं वाले मेगा इंडस्ट्रियल जोन बनाने का प्रस्ताव है। उन्होंने कहा कि जल्द ही भारत की एक नई राष्ट्रीय निर्माण नीति होगी। इस नीति का उद्देश्य सकल घरेलू उत्पाद में निर्माण जगत के वर्तमान 16 फीसदी के योगदान को बढ़ाकर 26 फीसदी करना, अगले 10 साल में 10 करोड़ रोजगार सृजित करना तथा वर्ष 2025 तक 20 करोड़ रोजगारों का सृजन करना है। उन्होंने कहा कि देश के कुल औद्योगिक उत्पादन में निर्माण क्षेत्र का योगदान 80 फीसदी से अधिक है। उन्होंने राजकुमार धूत के पूरक प्रश्न के उत्तर में कहा कि पर्याप्त ढांचागत सुविधाओं की उपलब्धता देश के औद्योगिक विकास के लिए सबसे बड़ी जरूरत है। उन्होंने यह भी कहा कि अन्य देशों की तुलना में हमारे देश में जीडीपी में निर्माण क्षेत्र का वर्तमान योगदान बहुत कम है।