खास बातें
- उद्योग जगत ने कहा है कि सरकार को तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी के दबाव में नहीं आना चाहिए। आनंद महिंद्रा और किरण मजूमदार शॉ जैसे उद्योगपतियों ने सरकार से इन फैसलों पर किसी तरह के दबाव में न आते हुए सुधार प्रक्रिया जारी रखने को कहा है।
नई दिल्ली: उद्योग जगत ने कहा है कि सरकार को तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी के दबाव में नहीं आना चाहिए। आनंद महिंद्रा और किरण मजूमदार शॉ जैसे उद्योगपतियों ने सरकार से इन फैसलों पर किसी तरह के दबाव में न आते हुए सुधार प्रक्रिया जारी रखने को कहा है।
बायोकॉन की चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक शॉ ने ममता को एक ‘लीक से हटकर राजनीतिज्ञ’ करार देते हुए कहा कि उनकी वोट बैंक की राजनीति आर्थिक वृद्धि से मेल नहीं खाती।
शॉ ने ट्वीट किया है, ‘ममता दीदी एक लीक से हटकर नेता हैं, जो गरीब लोगों के वोट बैंक पर निर्भर हैं। उनका आर्थिक एजेंडा आर्थिक वृद्धि से मेल नहीं खाता।’ सरकार के बहुब्रांड खुदरा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के फैसले को सही ठहराते हुए शॉ ने कहा कि खुदरा क्षेत्र में एफडीआई को लेकर जो आशंका बनी है, वैसा ही डर उस समय भी पैदा हुआ था जब मैकडॉनल्ड्स और अन्य ने यहां अपने शृंखला स्थापित की थी।
महिंद्रा एंड महिंद्रा के चेयरमैन आनंद महिंद्रा ने भी सरकार से पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री की मांगों के आगे नहीं झुकने को कहा है। महिंद्रा ने कहा कि इसके बजाय सरकार को सुधारों की प्रक्रिया को जारी रखना चाहिए।