खास बातें
- विमानन कम्पनी किंगफिशर एयरलाइंस ने जहां तालाबंदी को एक सप्ताह आगे तक के लिए बढ़ा दिया वहीं उड्डयन नियामक ने कम्पनी का उड़ान लाइसेंस खारिज किए जाने पर वैधानिक राय ली।
नई दिल्ली/मुम्बई: विमानन कम्पनी किंगफिशर एयरलाइंस ने जहां तालाबंदी को एक सप्ताह आगे तक के लिए बढ़ा दिया वहीं उड्डयन नियामक ने कम्पनी का उड़ान लाइसेंस खारिज किए जाने पर वैधानिक राय ली।
कम्पनी ने गुरुवार देर शाम हड़ताली कर्मचारियों के साथ वार्ता असफल हो जाने के बाद एक अक्टूबर को घोषित तालाबंदी को 12 अक्टूबर तक बढ़ाने की घोषणा की। ऐसी खबरें मिल रही थीं कि कम्पनी को कर्जदाताओं ने पैसे देने से इनकार कर दिया इसलिए कम्पनी कर्मचारियों को पूरा वेतन नहीं दे सकती है।
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री अजित सिंह ने भी शुक्रवार को फिर कहा कि किंगफिशर एयरलाइंस सभी सुरक्षा मानकों को पूरा करने के बाद ही उड़ानों का संचालन कर सकती है।
सिंह ने संवाददाताओं से कहा, "उन्हें (किंगफिशर एयरलाइंस को) फिर से उड़ान संचालन की अनुमति देने के लिए उन्हें सभी सुरक्षा मुद्दों पर नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) को संतुष्ट करना होगा।"
यह पूछे जाने पर कि क्या सुरक्षा मानक पूरा नहीं कर पाने पर विमानन कम्पनी का लाइसेंस रद्द हो सकता है, उन्होंने कहा, "लाइसेंस रद्द करने या निलम्बित करने की वैधानिकता को देखना होगा।" मंत्री ने कहा कि नियामक कम्पनी को कारण बताओ नोटिस जारी कर सकता है।
सिंह ने कहा है कि मंत्रालय कम्पनी को संचालन शुरू करने की अनुमति देने से पहले वित्तीय स्थिति और कर्मचारियों की सोच पर गौर करेगा। मंत्री ने कहा, "यदि कर्मचारी असंतुष्ट होंगे तो सुरक्षा का सवाल पैदा होगा।"
विमानन कम्पनी के कर्मचारियों ने मुम्बई में शुक्रवार को बकाए वेतन के भुगतान की मांग करते हुए कम्पनी के कार्यालय तक जुलूस निकाला।
विमानन कम्पनी के कर्मचारी पांच अक्टूबर तक बकाए वेतन के भुगतान की मांग के साथ रविवार को आकस्मिक हड़ताल पर चले गए थे। इसके बाद कम्पनी को अपनी सभी 50 उड़ानें रद्द करनी पड़ी थीं।
देश के उड्डयन बाजार में किंगफिशर की हिस्सेदारी घटकर सबसे कम 3.2 फीसदी रह गई है। बैंकों के समूह का कम्पनी पर 7000 करोड़ रुपये का कर्ज है।
यात्रियों की संख्या के लिहाज से एक साल पहले तक किंगफिशर देश की दूसरी सबसे बड़ी कम्पनी थी। तब इसके पास 66 विमान संचालन में थे, जो अब सिर्फ 10 रह गए हैं।
कम्पनी के शेयर बम्बई स्टॉक एक्सचेंज में 13.90 रुपये से घटकर शुक्रवार को 13.25 रुपये रह गए।