खास बातें
- नकदी संकट से जूझ रही विमानन कम्पनी किंगफिशर एयरलाइंस लागत कम करने के लिए विमान ईंधन का सीधे आयात करने की योजना बना रही है।
मुम्बई: नकदी संकट से जूझ रही विमानन कम्पनी किंगफिशर एयरलाइंस एक ओर लागत कम करने के लिए विमान ईंधन का सीधे आयात करने की योजना बना रही है, तो वहीं दूसरी ओर विमानन क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) पर लगी रोक हटाने की भी मांग कर रही है। किंगफिशर के मालिक विजय माल्या मंगलवार को हालांकि इस सवाल को टाल गए कि क्या अब तक किसी देशी या विदेशी निवेशकों ने कम्पनी में निवेश करने का उन्हें प्रस्ताव भेजा है, लेकिन उन्होंने कहा कि विमानन क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश पर रोक लगाने का कोई रोक समझ में नहीं आता है। उन्होंने कहा, "मुझे इस बात का कोई तुक समझ में नहीं आता कि आखिर क्यों प्रत्यक्ष विदेशी निवेश पर रोक लगाई जाए या इसकी अनुमति नहीं दी जाए।" उन्होंने विमानन कम्पनी के बंद हो जाने से सम्बंधित समाचार माध्यमों में छपी खबरों को खारिज करते हुए कहा कि कम्पनी का स्मृति लेख लिखा जाना उचित नहीं है। दूसरी विमानन कम्पनियों को भी घाटा हो रहा है। उन्होंने मंगलवार को संवाददाताओं से कहा, "कृपया हमारा स्मृति लेख मत लिखिए। अभी कारोबारी माहौल बहुत चुनौतीपूर्ण है, जिसमें हर विमानन कम्पनी को नुकसान हो रहा है।" किंगफिशर पर बैंकों का 6,500 करोड़ रुपये का कर्ज है। इसके साथ ही तेल कम्पनियों का भी इस पर काफी बकाया हो गया था, जिसमें से दो तेल कम्पनियों का बकाया कम्पनी ने चुका दिया है, जबकि तीसरी कम्पनी को बकाए के अधिकांश हिस्से की बैंक गारंटी दे दी है। माल्या ने कहा, "हमने इंडियन आयल कॉरपोरेशन (आईओसी), भारत पेट्रोलियम कारपोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) के बकाए का पूरा भुगतान कर दिया है। जहां तक हिंदुस्तान पेट्रोलियम कारपोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) का सवाल है, तो हमने 600 करोड़ रुपये से अधिक के असुरक्षित क्रेडिट से.. बैंक गारंटी दे दी है और अब हमें 40 करोड़ रुपये का ही भुगतान करना है।" माल्या ने कहा, "उड़ानों को रद्द किया जाना एक समझदारी भरा फैसला है। हम नुकसान वाले मार्ग पर उड़ान जारी नहीं रख सकते।" उन्होंने संवाददाता सम्मेलन में विमानन कम्पनी को लाभ में लाने की योजना पर रोशनी डालते हुए कहा, "हमने सीधे ईंधन आयात के लिए केंद्रीय वाणिज्य मंत्रालय में आधिकारिक रूप से आवेदन किया है। यदि हम अपने इस्तेमाल के लिए सीधे ईंधन आयात करते हैं तो हम एक वास्तविक उपभोक्ता बन जाएंगे और इस तरह हमें बिक्री कर नहीं देना पड़ेगा।" माल्या ने कहा कि ईंधन लागत कुल संचालन लागत का 50 प्रतिशत से अधिक बैठती है, जो विभिन्न राज्य सरकारों के बिक्री कर के करण बढ़ जाती है। नकदी संकट से जूझ रही कम्पनी की तात्कालिक वित्तीय जरूरतों का ध्यान अब यूबी समूह रखेगा। समूह ने पिछले 30 दिनों में कम्पनी में 150 करोड़ रुपये का निवेश किया है। यूबी समूह के मुख्य वित्तीय अधिकारी रवि नेदुंगड़ी ने कहा, "पिछले 30 दिनों में हमने विमानन कम्पनी में 150 करोड़ रुपये दिया है। समूह विमानन कम्पनी की जरूरतों पर ध्यान दे रही है।" किंगफिशर एयरलाइंस नौ नवम्बर से हर रोज 40 उड़ानों को रद्द कर रही है। कम्पनी के अनुसार यह कदम मार्ग योजना को युक्तिसंगत बनाने तथा परिणाम में सुधार करने के लिए उठाया गया है। उल्लेखनीय है कि पांच वर्ष पहले जब से किंगफिशर एयरलाइंस की शुरुआत हुई है, कम्पनी ने कभी भी कोई लाभ नहीं दर्ज कराया है। कम्पनी ने पिछले वित्त वर्ष में 1,027 करोड़ रुपये का शुद्ध नुकसान दर्ज कराया था और पिछली तिमाही में 263 करोड़ रुपये का नुकसान दर्ज कराया है।