खास बातें
- भारी नकदी संकट से जूझ रही निजी क्षेत्र की किंगफिशर एयरलाइन ने आज अपनी बंदी को लेकर चल रही अटकलों पर विराम लगाने की कोशिश की।
मुंबई: भारी नकदी संकट से जूझ रही निजी क्षेत्र की किंगफिशर एयरलाइन ने आज अपनी बंदी को लेकर चल रही अटकलों पर विराम लगाने की कोशिश की। एयरलाइन ने कहा कि वह कर अधिकारियों के साथ अपने बैंक खातों को खोलने के लिए बातचीत कर रही है। साथ ही उसने पायलटों से भी काम पर आने का आग्रह किया है।
वेतन में देरी का विरोध कर रहे पायलटों का दावा है कि किंगफिशर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी संजय अग्रवाल ने बृहस्पतिवार को बातचीत के दौरान चेताया था कि यदि वे काम पर नहीं लौटते हैं, तो कंपनी आखिरी कदम उठा सकती है यानी बंदी कर सकती है।
एयरलाइंस के उपाध्यक्ष (कॉरपोरेट कम्युनिकेशंस) प्रकाश मीरपुरी ने कहा, ‘‘संजय अग्रवाल ने पायलटों के एक समूह के साथ मुलाकात के दौरान उन्हें ड्यूटी से नदारद नहीं रहने की अपील की थी। बातचीत में किसी भी समय एयरलाइन को बंद किए जाने का मुद्दा नहीं उठा।’’ उन्होंने कहा कि हम कर अधिकारियों के साथ सहयोग कर रहे हैं और अपने खातों से फ्रीज हटवाने का प्रयास कर रहे हैं, जिससे स्थिति को सामान्य किया जा सके और कर्मचारियों को वेतन का भुगतान किया जा सके।
हालांकि, पायलटों का कहना है कि बैठक के दौरान अग्रवाल ने कहा, ‘‘यदि आप विमान उड़ाना चाहते हो तो ठीक है, नहीं चाहते हैं, तो आप ऐसा करने के लिए स्वतंत्र हैं। ऐसे में हमें किसी अंतिम विकल्प पर विचार करना होगा।’’ एक पायलट ने बताया कि अग्रवाल ने बातचीत में कहा कि वह 10 मार्च से पहले किसी तरह की प्रतिबद्धता नहीं जता सकते हैं।