नई दिल्ली:
आभूषण निर्माताओं के संगठन जीजेएफ ने एक लाख रुपये से अधिक के लेन-देन पर पैन कार्ड का उल्लेख अनिवार्य किए जाने का विरोध किया और कहा कि इस कदम से उसकी 60 प्रतिशत तक बिक्री प्रभावित होगी। संगठन ने यह भी कहा कि अगर प्रस्ताव को वापस नहीं लिया जाता है तो आभूषण निर्माता हड़ताल करेंगे।
काले धन पर अंकुश लगाने के लिए वित्तमंत्री अरुण जेटली ने अपने बजट भाषण में कहा है कि एक लाख रुपये से अधिक के आभूषण की खरीद पर पैन का उल्लेख करना अनिवार्य करने का प्रस्ताव किया है। ऑल इंडिया जेम्स एंड जूलरी ट्रेड फेडरेशन (जीजेएफ) ने कहा कि घरेलू रत्न एवं आभूषण उद्योग करीब 5 लाख करोड़ रुपये का है। इसमें से 80 प्रतिशत ग्रामीण क्षेत्रों से आता है जहां बहुत से लोगों के पास पैन (स्थायी खाता संख्या) नहीं है। जीजेएफ के करीब छह लाख सदस्य हैं, जिसमें 3 लाख आभूषण निर्माता शामिल हैं।
जीजेएफ के चेयरमैन मनीष जैन ने दिल्ली में संवाददाताओं से कहा, 'हम इस प्रस्ताव का पुरजोर विरोध करते हैं। इससे आभूषण निर्माता और उद्योग में काम कर रहे एक करोड़ दस्तकार प्रभावित होंगे। अगर एक लाख रुपये से अधिक के लेन-देन पर पैन की अनिवार्यता को लागू किया जाता है तो 60 प्रतिशत बिक्री पर असर पड़ेगा।'
जैन ने कहा कि संगठन ने प्रधानमंत्री और वित्तमंत्री से मिलने के लिये समय मांगा है, ताकि अपनी शिकायतों को रख सके। उन्होंने उम्मीद जतायी कि मुद्दे को सुलझा लिया जाएगा।
यह पूछे जाने पर कि अगर सरकार प्रस्ताव पर आगे बढ़ती है तो संगठन क्या करेगा, जीजेएफ ने कहा, 'हमारे सदस्य विरोध जता रहे हैं और वे हड़ताल करना चाहते हैं। हम उन्हें शांत कर रहे हैं लेकिन अगर बातचीत सिरे नहीं चढ़ती है तो हम हड़ताल पर जाने को मजबूर होंगे।'