यह ख़बर 11 अगस्त, 2011 को प्रकाशित हुई थी

खाद्य मुद्रास्फीति बढ़कर 9.90 प्रतिशत पर पहुंची

खास बातें

  • चावल, चना और फल-सब्जी के भावों में तेजी के चलते खाद्य मुद्रास्फीति 30 जुलाई को समाप्त सप्ताह में उछल कर 9.90% हो गई।
नई दिल्ली:

चावल, चना, फल-सब्जी और मछली तथा पोल्ट्री उत्पादों के भावों में तेजी के चलते थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित खाद्य मुद्रास्फीति 30 जुलाई, 2011 को समाप्त सप्ताह में उछल कर 9.90 प्रतिशत हो गयी जबकि इससे पिछले सप्ताह यह 8.04 प्रतिशत थी। पिछले वर्ष इसी दौरान खाद्य मुद्रास्फीति 16.45 प्रतिशत थी। आज जारी प्रारंभिक सरकारी आंकड़ों के अनुसार 30 जुलाई को समाप्त सप्ताह में खाद्य वस्तुओं के वर्ग का थोक मूल्य सूचकांक एक सप्ताह पूर्व के 192.2 अंक से 1.6 प्रतिशत बढ़कर 195.3 अंक हो गया। गत 12 मार्च के बाद खाद्य मुद्रास्फीति की यह उच्चतम दर है। 12 मार्च को खाद्य मुद्रास्फीति 10.05 प्रतिशत थी। सप्ताह के दौरान मछली (नदी-तालाब) 17 प्रतिशत, पोल्ट्री चिकन और मछली :समुद्री: 4 प्रतिशत, रागी, फल ओर सब्जियां दो प्रतिशत तथा चावल, कॉफी और चने के दामों में एक एक प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। इस दौरान अंडा, मांस उड़द और अरहर के दामों में एक एक प्रतिशत की नरमी रही। आलोच्य सप्ताह में सब्जियों की कीमत पिछले वर्ष के इसी समय की तुलना में 14.61 प्रतिशत, प्याज 36.62 प्रतिशत, आलू 10.85 प्रतिशत, फल 16.49 प्रतिशत और दूध के भाव 10. 38 प्रतिशत तेज थे। इसी दौरान अनाज की कीमतें एक वर्ष की तुलना में औसतन 6.22 प्रतिशत ऊंची थीं। खाद्य मुद्रास्फीति में उछाल से सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक के समक्ष चुनौतियां बढ़ सकती हैं। आर्थिक नीति नियामकों के समक्ष इस समय नई चुनौती अमेरिकी अर्थव्यवस्था की साख घटाए जाने से उत्पन्न वैश्विक अनिश्चितताओं से निपटना है। वैश्विक परिस्थितियों से निपटने के लिए घरेलू अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहनों की जरूरत पड़ सकती है जबकि रिजर्व बैंक पिछले डेढ़ साल से मुद्रास्फीति से निपटने के लिए नीतिगत ब्याज दरें महंगी करने की नीति अपनाए हुए है। आलोच्य सप्ताह के दौरान सभी प्राथमिक वस्तुओं के थोक मूल्य पर आधारित मुद्रास्फीति 12.22 प्रतिशत थी जबकि इससे पिछले सप्ताह यह दर 10.99 प्रतिशत और एक वर्ष पूर्व 16.84 प्रतिशत थी। सप्ताह के दौरान ईंधन और बिजली वर्ग की मुद्रास्फीति 12.19 प्रतिशत रही जबकि इससे पिछले सप्ताह यह 12.12 प्रतिशत थी। आलोच्य सप्ताह में पेट्रोल के दाम एक वर्ष पूर्व की तुलना में 23.23 प्रतिशत और डीजल के दाम 9.32 प्रतिशत उंचे थे। एलपीजी के दामों में भी एक साल में 14.58 प्रतिशत की वृद्धि हो चुकी है। आलोच्य सप्ताह में गैर खाद्य वस्तुओं के थोक मूल्यों पर आधारित मुद्रास्फीति 15.05 प्रतिशत थी। पिछले वर्ष इसी दौरान गैर खाद्य वस्तुओं की मुद्रास्फीति 15.32 प्रतिशत थी। गैर खाद्य वस्तुओं के वर्ग में खनिजों के भाव एक साल पूर्व की तुलना में औसतन 23.12 प्रतिशत और तिलहनों के भाव 16.45 प्रतिशत ऊपर हैं।


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