BQ Prime की रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया के टॉप इक्विटी मार्केट में फ़्रांस को पछाड़कर भारत एक बार फिर में पांचवें नंबर पर पहुंच गया है. शुक्रवार को भारतीय का बाजार मार्केट कैप 3.15 ट्रिलियन डॉलर था, जो फ्रांस से अधिक है. वहीं, इस लिस्ट में यूके सातवें स्थान पर रहा. ब्लूमबर्ग ने प्रत्येक देश में प्राइमरी लिस्टिंग कंपनियों के सामूहिक वैल्यू को लेकर एक रिपोर्ट जारी की है. जिसमें बताया गया है कि कमाई में वृद्धि के चलते दक्षिण एशियाई देश के इक्विटी को रीबाउंड करने में मदद मिली है. एशियाई शेयरों ने पिछले दो वर्षों से अधिकांश वैश्विक बाजारों को पीछे छोड़ दिया है.
नवंबर के बाद से भारतीय इक्विटी से फंड की निकासी के बाद विदेशी निवेशक इस महीने 9 फरवरी तक सात में से दो सत्रों के दौरान शुद्ध खरीदार थे. वहीं, केंद्रीय बैंक ने पिछले सप्ताह ब्याज दर धीमी गति से बढ़ने का संकेत दिया था.
ब्लूमबर्ग इंटेलिजेंस शो डेटा के मुताबिक, विश्लेषकों का अनुमान है कि MSCI इंडिया कंपनियों में प्रति शेयर आय इस वर्ष 14.5% बढ़ जाएगी. यह चीन के लिए उम्मीदों के समान है और अधिकांश प्रमुख बाजारों से बेहतर है. इसके विपरीत, अमेरिकी फर्मों के ईपीएस में संभवतः 0.8% की वृद्धि होगी, जबकि यूरोपीय बाजारों के लिए रीडिंग लगभग सपाट रहने की उम्मीद है.