खास बातें
- ऊंची कीमतों और नीति को लेकर अनिश्चितता के चलते भारतीय प्याज को चीन और पाकिस्तान के प्याज से कड़ी प्रतिस्पर्धा मिल रही है।
New Delhi: सरकार ने प्याज निर्यात पर से प्रतिबंध हटा लिया है लेकिन ऊंची कीमतों और नीति को लेकर अनिश्चितता के चलते भारतीय प्याज को चीन और पाकिस्तान के प्याज से कड़ी प्रतिस्पर्धा मिल रही है। मुंबई स्थित कृषि निर्यात संघ के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने कहा, हम पिछले सप्ताह (20 से 27 सितंबर तक) केवल 4.5 हजार टन का प्याज निर्यात कर सके। सरकार ने 20 सितंबर को प्याज निर्यात पर रोक हटाई थी। आमतौर पर खाड़ी देशों, सुदूर पूर्व (सिंगापुर, मलेशिया और इंडोनेशिया) और श्रीलंका में भारतीय प्याज की काफी मांग रहती है, लेकिन अभी इसे चीन और पाकिस्तान के प्याज से प्रतिस्पर्धा करने में मुश्किलें आ रही हैं क्योंकि चीन और पाकिस्तान के प्याज कम दाम पर उपलब्ध हैं। उल्लेखनीय है कि चीन के बाद भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा प्याज उत्पादक देश है। सरकार ने 20 सितंबर को प्याज निर्यात पर रोक हटाने के बाद इसका न्यूनतम निर्यात मूल्य 475 डॉलर प्रति टन तय किया था। संघ के पदाधिकारी ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारतीय प्याज की प्रतिस्पर्धी क्षमता घटने की एक बड़ी वजह इसके न्यूनतम निर्यात मूल्य और निर्यात पर नीति में उलटफेर को बताया। उन्होंने कहा, इस साल 9 से 20 सितंबर तक निर्यात पर रोक के चलते भारतीय प्याज उपलब्ध नहीं होने की वजह से सिंगापुर के कई व्यापारियों ने एक महीने के लिए चीनी निर्यातकों से अनुबंध कर दिया जिससे भारतीय प्याज के लिए कोई गुंजाइश नहीं बची।