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- योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया ने कहा कि ‘पूंजी बाजार से उनका विशेष लगाव है’ और भारतीय अर्थव्यवस्था का एक यही क्षेत्र है, जो करीब-करीब विश्वस्तर का बन चुका है।
नई दिल्ली: योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया ने कहा कि ‘पूंजी बाजार से उनका विशेष लगाव है’ और भारतीय अर्थव्यवस्था का एक यही क्षेत्र है, जो करीब-करीब विश्वस्तर का बन चुका है।
उन्होंने आने वाले समय में भारतीय पूंजी बाजार को वैश्विक मानकों के अनुसार और उच्चस्तरीय बनाने पर बल दिया। अहलूवालिया ने यह भी कहा कि भारतीय बाजार ने काफी प्रगति की है और समय-समय पर उत्पन्न दबावों को बहुत अच्छी तरह संभाला है।
80 के दशक के अंतिम वर्षों में वित्त मंत्रालय में अपने कार्यकाल के दौरान बाजार नियामक सेबी के गठन की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले अहलूवालिया ने कहा कि भारतीय बाजार ने उसके बाद से उल्लेखनीय प्रगति की है।
अहलूवालिया ने कहा, मैं साफ-साफ कहता हूं कि पूंजी बाजारों से मुझे विशेष लगाव है। वह यहां शेयर बाजार विनियामकों के एक अंतराष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। शेयर बाजार आयोगों के अंतरराष्ट्रीय संगठन (आईओएससीओ) की एशिया प्रशांत क्षेत्रीय समिति की तीन-दिवसीय बैठक का आयोजना सेबी ने आयोजित किया था।
पूंजी बाजार से अहलूवालिया के जुड़ाव के बारे में सेबी के अध्यक्ष यूके सिन्हा ने कहा कि प्रतिभूति अपीलीय न्यायाधिकारण (सैट) के गठन से पहले सेबी के निर्णयों के खिलाफ अपील की सुनवाई सरकार ही करती थी और अहलूवालिया अपील सुनने का काम करते थे।
सिन्हा ने ठहाकों के बीच कहा कि अहलूवालिया बताते हैं कि मामले की सुनवाई के दौरान वकील जब उन्हें माइ लार्ड कहा करते थे तो वह बड़ा रोमांचित महसूस करते थे।
उन्होंने कहा, पूंजी बाजार के मामले में हम लगभग वहां हैं, जहां वैश्विक मानकों के मुताबिक, भारत को होना चाहिए। बैंकिंग एक और बड़ा क्षेत्र है, लेकिन यहां नियमन अपेक्षाकृत सख्त है।