खास बातें
- वॉलमार्ट के जनसंपर्क (लॉबिंग) मामले की जांच कर रही सरकारी जांच समिति ने वैश्विक खुदरा कंपनी से कुछ और ब्योरा मांगा है। सरकार द्वारा नियुक्त समिति ने जून तक जांच पूरी होने की उम्मीद जताई है।
नई दिल्ली: वॉलमार्ट के जनसंपर्क (लॉबिंग) मामले की जांच कर रही सरकारी जांच समिति ने वैश्विक खुदरा कंपनी से कुछ और ब्योरा मांगा है। सरकार द्वारा नियुक्त समिति ने जून तक जांच पूरी होने की उम्मीद जताई है।
समिति इस बात की जांच कर रही है कि क्या वॉलमार्ट ने भारत में प्रवेश के लिए अमेरिकी सांसदों के साथ मिलकर लॉबिंग की थी।
पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश मुकुल मुद्गल की एक सदस्यीय समिति ने बुधवार को चौथे दौर की बैठक की। इसमें वॉलमार्ट के प्रतिनिधियों और कारपोरेट कार्य मंत्रालय तथा औद्योगिक नीति एवं संवर्धन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों समेत अन्य ने हिस्सा लिया।
मुद्गल ने बैठक के बाद कहा, ‘‘हमने वॉलमार्ट की तरफ से दिए गए जवाब पर चर्चा की और कुछ पूरक प्रश्नों के जवाब उनसे मांगे हैं।’’ समिति की पिछली बैठक 22 मार्च को हुई। इसमें समिति ने भारतीय बाजार में प्रवेश के लिए अमेरिका में वालमार्ट की लॉबिंग गतिविधियों के बारे में विस्तृत ब्योरा मांगा था।
यह पूछे जाने पर कि समिति कब अपनी जांच पूरी करेगी, मुद्गल ने कहा, ‘‘यह वॉलमार्ट की तरफ से दिए जाने वाले जवाब पर निर्भर है। अगर जांच अवधि में विस्तार मांगी भी गई तो भी यह जून तक पूरी हो जाएगी।’’
सरकार ने इस साल जनवरी में समिति गठित की थी। समिति को रिपोर्ट 30 अप्रैल तक देनी है लेकिन समिति का कार्यकाल बढ़ाए जाने की संभावना है।
मुद्गल ने कहा कि अगली बैठक की तारीख अबतक निर्धारित नहीं की गई है और वॉलमार्ट के जवाब पर निर्भर है।
यह पूछे जाने पर कि क्या वॉलमार्ट के कार्यकारियों को सम्मन दिया जाएगा, मुद्गल ने कहा, ‘‘संभवत: नहीं।’’