खास बातें
- भारत और चीन के बीच अपने बाजारों को और खोलने और द्विपक्षीय निवेश सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी है।
बीजिंग: भारत और चीन के बीच अपने बाजारों को और खोलने और द्विपक्षीय निवेश सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी है। दोनों देशों के बीच पहली व्यापक रणनीतिक आर्थिक वार्ता (एसईडी) हुई। भारत के उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया और चीनी प्रतिनिधिमंडल की चीन के राष्ट्रीय विकास और सुधार आयोग के चेयरमैन ज्यांग पिंग ने की। भारतीय अधिकारियों ने बताया कि अहलूवालिया और पिंग के बीच बातचीत काफी सकारात्मक और सफल रही और दोनों के बीच विभिन्न आर्थिक मुद्दों पर सहयोग और संयोजन बढ़ाने की सहमति बनी। दोनों पक्ष द्विपक्षीय निवेश सहयोग को और बढ़ाने पर सहमत हो गए हैं। बातचीत में दोनों पक्षों ने अपने बाजारों को और खोलने और निवेश का माहौल सुधारने पर सहमति दी। इसके साथ ही भारत-चीन ऊर्जा दक्षता और संरक्षण के साथ पर्यावरण संरक्षण क्षेत्र में भी सहयोग बढ़ाने पर राजी हुए हैं। सतत विकास के लिए दोनों देशों ने अक्षय ऊर्जा के साथ ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की बात कही है। अपने संबोधन में अहलूवालिया ने कहा कि भारत और चीन में काफी समानताएं हैं।