खास बातें
- IMF ने विभिन्न देशों की सरकारों को आगाह किया है कि वे खर्चों में कटौती न करें, अन्यथा अर्थव्यवस्था में पुनरुद्धार की प्रक्रिया में बाधा आएगी।
वाशिंगटन: अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (आईएमएफ) ने विभिन्न देशों की सरकारों को आगाह किया है कि वे खर्चों में कटौती न करें, अन्यथा 2008 के वित्तीय संकट के बाद अर्थव्यवस्था में पुनरुद्धार की प्रक्रिया में बाधा आएगी। आईएमएफ की प्रमुख क्रिस्टीन लेगार्ड ने फाइनेंशियल टाइम्स के साथ साक्षात्कार में कहा, विकसित अर्थव्यवस्थाओं को विश्वसनीय एकीकरण योजना के जरिये वित्तीय स्थिरता को कायम करने का प्रयास करना चाहिए। इसके साथ ही हम जानते हैं कि खचरें पर बेक से सुधार की प्रक्रिया बाधित होगी और रोजगार की स्थिति खराब होगी। लेगार्ड का यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका और यूरोपीय देशों पर अपने रिण को बोझ को कम करने के लिए आईएमएफ सहित कई तरफ से दबाव बढ़ रहा है। इसके साथ ही वैश्विक अर्थव्यवस्था की रफ्तार घटने की चिंता भी पैदा हो गई है। विशेषकर अमेरिका में स्टैंडर्ड एंड पुअर्स द्वारा दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था की रिण साख घटाए जाने के बाद सरकार ने खचरें में कटौती की पहल की है। फ्रांस को लेकर भी आशंका जताई जा रही है कि उसकी साख घटाई जा सकती है।