यह ख़बर 11 अप्रैल, 2012 को प्रकाशित हुई थी

सरकारी बाबुओं ने नहीं दिया अचल संपत्ति का ब्यौरा

खास बातें

  • केंद्र ने सख्त रूख अपनाते हुए भारतीय प्रशासनिक सेवा के उन 167 अधिकारियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करने का सुझाव दिया है जिन्होंने अब तक अपनी अचल संपत्ति का ब्यौरा नहीं दिया है।
नई दिल्ली:

केंद्र ने सख्त रूख अपनाते हुए भारतीय प्रशासनिक सेवा के उन 167 अधिकारियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करने का सुझाव दिया है जिन्होंने अब तक अपनी अचल संपत्ति का ब्यौरा नहीं दिया है।

कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की ऐसे अधिकरियों की सूची के मुताबिक इनमें सबसे अधिक 19 अधिकारी गृह मंत्रालय से जुड़े हैं जबकि 18 अधिकारी रक्षा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग से 17 और कृषि और सहकारी मंत्रालय से संबद्ध हैं।

इनके लिए आठ अधिकारी डाक विभाग, सात महिला एवं बाल विकास, पांच-पांच अधिकारी आयुर्वेद, योग व प्राकृतिक चिकित्सा विभाग, यूनानी, सिद्ध व होमियोपैथी (आयुष) और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय और चार-चार अधिकारी वित्तीय सेवा विभाग, राजस्व उच्चतर शिक्षा, कर्मचारी चयन आयोग और ग्रामीण विकास से जुड़े हैं। ये उन अधिकारियों में शामिल हैं जिन्होंने 2011 में अपनी अचल संपत्ति का ब्यौरा नहीं दिया।

कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग ने आज यहां जारी अपने दूसरे अनुस्मरण पत्र में कहा, ‘‘प्रशासनिक मंत्रालय या विभागों से उन अधिकारियों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने का अनुरोध है जिन्होंने तय समयसीमा में अचल संपत्ति रिटर्न का ब्यौरा नहीं सौंपा। इसके अलावा संबंधित अधिकारियों की सालाना प्रदर्शन मूल्यांकन रपट में इसका ब्यौरा देर से सौंपने और न सौंपने का उचित तरीके से जिक्र हो।’’ पिछले महीने 21 तारीख को सभी संबद्ध अधिकारियों को अपनी संपत्ति का ब्यौरा सौंपने के लिए कहा गया था।

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केंद्रीय सचिवालय सेवा के अधिकारियों (अवर सचिव और इससे उपर के अधिकारी) को फरवरी तक अचल संपत्तियों के होने वाली आय का ब्यौरा सौंपना था।