नई दिल्ली: वित्त मंत्रालय के मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रमणियन का कहना है कि जीएसटी परिषद ने व्यापक उपभोग वाली वस्तुओं पर वस्तु एवं सेवाकर (जीएसटी) की दर पांच प्रतिशत रखने का निर्णय किया है, जिससे बड़े पैमाने पर महंगाई कम होगी और मुद्रास्फीति का दबाव हल्का होगा.
वित्तमंत्री अरुण जेटली की अध्यक्षता में जीएसटी परिषद की राजधानी में हुई बैठक में चार स्तरीय कर ढांचे को मंजूरी दी गई, जिसमें पांच, 12, 18 और 28 प्रतिशत की दर रखी गई है. सरकार का प्रयास है कि इस कर व्यवस्था को एक अप्रैल 2017 से लागू कर दिया जाए.
सुब्रमणियन ने कहा, 'संशोधित प्रस्ताव से कीमतें कम होंगी. मुझे नहीं लगता कि छह प्रतिशत को पांच प्रतिशत (टैक्स की दर) किए जाने से मुद्रास्फीति का कोई डर है. कुछ वस्तुएं 26 से 28 प्रतिशत के कर दायरे में चली जाएंगी, लेकिन कुछ 26 से निकलकर 18 प्रतिशत के कर दायरे में आ जाएंगी.' उन्होंने कहा, 'कुल मिलाकर इससे मुद्रास्फीति कम होगी और अगर कुछ हुआ भी तो मुद्रास्फीति का असर बहुत कम होगा. आज के बदलाव से यह होना चाहिए.'
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