नई दिल्ली: वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि सरकार मल्टी ब्रांड रिटेल क्षेत्र में 51 फीसदी प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) नीति समाप्त करने पर विचार करेगी। उन्होंने कहा, इस दौरान विदेशी कंपनियों द्वारा भारत में सुपर बाजार खोलने के किसी भी प्रस्ताव पर विचार नहीं किया जाएगा।
सीतारमण ने कहा, 'मैं मंत्रिमंडल के पास जाउंगी और पूछूंगी कि क्या हमें एक दस्तावेज को खत्म करना चाहिए। मैं मल्टी ब्रांड रिटेल क्षेत्र में किसी प्रस्ताव पर विचार करने नहीं जा रही।' मंत्री का बयान ऐसे समय में आया है जब औद्योगिक नीति एवं संवर्धन विभाग (डीआईपीपी) ने पूर्ववर्ती यूपीए सरकार द्वारा विदेशी खुदरा कंपनियों को 51 फीसदी हिस्सेदारी के साथ मल्टी ब्रांड स्टोर्स खोलने की अनुमति देने के निर्णय को बनाए रखा है।
सीतारमण ने यह भी कहा, 'हम यह भी सुनिश्चित करेंगे कि ई-कामर्स में एफडीआई, मल्टी ब्रांड रिटेल क्षेत्र में पीछे के दरवाजे से घुसने का रास्ता न बन जाए।' वित्त मंत्री अरुण जेटली ने हाल ही में कहा था कि बीजेपी मल्टी ब्रांड रिटेल क्षेत्र में एफडीआई की अनुमति देने के पक्ष में कभी भी नहीं रही है।
वर्ष 2012 में बहुब्रांड खुदरा क्षेत्र में 51 फीसदी एफडीआई की अनुमति दिए जाने के बाद से ब्रिटेन स्थित टेस्को का केवल एक निवेश प्रस्ताव मंजूर किया गया है।