यह ख़बर 01 जून, 2012 को प्रकाशित हुई थी

सरकार ने एयर इंडिया कर्मचारियों के एकीकरण की घोषणा की

खास बातें

  • केंद्र सरकार ने शुक्रवार को कहा कि पूर्व विमानन कम्पनी इंडियन एयरलाइंस और एयर इंडिया के सफल विलय के लिए वेतनमान और भत्ते तथा काम-काज की अन्य परिस्थितियों को समान करने की प्रक्रिया 45 दिनों में शुरू होगी।
नई दिल्ली:

केंद्र सरकार ने शुक्रवार को कहा कि पूर्व विमानन कम्पनी इंडियन एयरलाइंस और एयर इंडिया के सफल विलय के लिए वेतनमान और भत्ते तथा काम-काज की अन्य परिस्थितियों को समान करने की प्रक्रिया 45 दिनों में शुरू होगी।

न्यायमूर्ति सीएस धर्माधिकारी समिति की रिपोर्ट पेश करते हुए केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री अजित सिंह ने शुक्रवार को पुरानी कम्पनी इंडियन एयरलाइंस और एयर इंडिया के कर्मचारियों से समान वेतनमान और काम के घंटे का वादा किया तथा कहा कि विलय को सफल बनाने के लिए और एयर इंडिया के विकास के लिए ऐसा करना जरूरी है।

इंडियन एयरलाइंस और एयर इंडिया का लगभग पांच साल पहले विलय किया जा चुका था, लेकिन देानों कम्पनियों से सम्बंधित कर्मचारियों की सेवा शर्तो में पर्याप्त असमानता थी।

शुक्रवार के घोषणा के बाद एयर इंडिया के 25 दिन से जारी हड़ताल के जल्द समाप्त हो जाने की उम्मीद की जा रही है।

इंडियन पायलट गिल्ड (आईपीजी) से सम्बंधित पायलट आठ मई से सामूहिक अवकाश पर हैं और पुरानी इंडियन एयरलाइंस के पायलटों को बोइंग 787 ड्रीमलाइनर का प्रशिक्षण दिए जाने का विरोध कर रहे हैं।

धर्माधिकारी समिति ने विभागीय प्रमोशन समिति का गठन करने की सिफारिश की है। समिति में एयर इंडिया और इंडियन एयरलाइंस के समान प्रतिनिधित्व तथा बाहरी विशेषज्ञों को शामिल करने की भी सलाह दी गई।

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इस समिति को पदानुक्रम का निर्माण करने के लिए दोनों पक्षों से बात करने के लिए 45 दिन का समय दिया गया है।
धर्माधिकारी समिति के गठन के बाद 2011 में प्रमोशन रोक दिया गया था। मंत्री ने कहा कि नए वेतनमान को एक अप्रैल 2007 से लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा, "पुरानी कम्पनी इंडियन एयरलाइंस और एयर इंडिया के सभी कर्मचारियों के वेतनमान समान होंगे।"