पाम ऑयल पर लगने वाले टैक्स को बढ़ा सकती है सरकार, किसानों को राहत की उम्मीद

देश अपनी खाद्य तेल की आवश्यकता का 70 प्रतिशत मलेशिया, इंडोनेशिया, ब्राजील, अर्जेंटीना, रूस और यूक्रेन से आयात करता है, जिसमें खाद्य तेल के आयात में दो-तिहाई हिस्सा पाम तेल का है.

पाम ऑयल पर लगने वाले टैक्स को बढ़ा सकती है सरकार, किसानों को राहत की उम्मीद

नई दिल्ली:

घरेलू खाद्य तेल बाजार की स्थिति में बदलाव के मद्देनजर सरकार पाम तेल के आयात पर लगने वाले टैक्स को बढ़ा सकती है. उद्योग से जुड़े सूत्रों ने यह जानकारी दी है. सरकार के ऐसे फैसले से देश में तिलहन की कम कीमतों में नरमी से चिंतिंत किसानों को राहत मिल सकती है.

खाद्य तेलों पर नियंत्रण रखने के लिए सरकार ने कच्चे पाम तेल (सीपीओ) पर आयात टैक्स को खत्म कर दिया था. वर्तमान में सीपीओ पर कृषि अवसंरचना एवं विकास के लिए पांच प्रतिशत का उपकर, जबकि परिष्कृत, प्रक्षालित और गंधहीन (आरबीडी) पाम तेल पर 12.5 प्रतिशत का आयात कर लागू है.

खाद्य तेल उद्योग ने गिरते हुए तिलहन के दामों को समर्थन देने के लिए सरकार से सीपीओ और आरबीडी के आयात पर न्यूनतम 10 प्रतिशत का टैक्स लगाने की मांग की है.

देश अपनी खाद्य तेल की आवश्यकता का 70 प्रतिशत मलेशिया, इंडोनेशिया, ब्राजील, अर्जेंटीना, रूस और यूक्रेन से आयात करता है, जिसमें खाद्य तेल के आयात में दो-तिहाई हिस्सा पाम तेल का है.

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