बिजली के वाहनों के प्रोत्साहन की योजना के लिए दिए जा सकते हैं 9,381 करोड़ रुपये

एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि भारी उद्योग मंत्रालय ने इस संबंध में मंत्रिमंडल के लिए प्रस्ताव तैयार कर लिया है. इसे जल्दी ही मंत्रिमंडल के सामने मंजूरी के लिए रखा जा सकता है.

बिजली के वाहनों के प्रोत्साहन की योजना के लिए दिए जा सकते हैं 9,381 करोड़ रुपये

इलेक्ट्रिक कार का उत्पादन पकड़ सकता है तेजी.

नई दिल्ली:

केंद्रीय मंत्रिमंडल देश में बिजली के वाहनों के तेजी से अपनाने और उनके विनिर्माण को प्रोत्साहित करने के लिए तीन साल पहले शुरू की गयी फेम इंडिया योजना के दूसरे चरण के लिए 9,381 करोड़ रुपये मंजूर कर सकती है. आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि दूसरा चरण पांच साल तक चलेगा. 

एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि भारी उद्योग मंत्रालय ने इस संबंध में मंत्रिमंडल के लिए प्रस्ताव तैयार कर लिया है. इसे जल्दी ही मंत्रिमंडल के सामने मंजूरी के लिए रखा जा सकता है.

मंत्रालय ने इससे इस प्रस्ताव का मसौदा विद्युत , नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा , सड़क परिवहन और राजमार्ग , वित्त समेत कई सरकारी विभागों को राय मशवरे के लिए भेजा था. उनकी राय के आधार पर मंत्रिमंडल के लिए प्रस्ताव तय कर लिया गया है. 

अधिकारियों ने कहा कि दूसरा चरण सार्वजनिक परिवहन एवं वाणिज्यिक इस्तेमाल के लिए नवीन ऊर्जा से चलने वाले वाहनों तथा तीव्र गति वाले दोपहिया वाहनों पर केंद्रित होगा. 

सरकार ने पर्यावरण के अनुकूल वाहनों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 2015 में फास्टर एडॉप्शन एंड मैन्यूफैक्चरिंग ऑफ हाइब्रिड एंड इलेक्ट्रिक व्हीकल्स इन इंडिया ( फेम इंडिया ) की शुरुआत की थी. इसके तहत हाइब्रिड दुपहिया वाहनों पर 29 हजार रुपये और विद्युत चालित कारों की खरीद पर 1.38 लाख रुपये का प्रोत्साहन दिया जाता है.


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