खास बातें
- विदेशी संस्थागत निवेशकों ने जून तिमाही के दौरान सेंसेक्स में शामिल 16 कंपनियों के शेयरों में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है।
Mumbai: विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने इस साल जून की तिमाही के दौरान सेंसेक्स में शामिल 16 कंपनियों के शेयरों में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई, जिनमें लार्सन एंड टूब्रो, हिंदुस्तान यूनिलिवर, इंफोसिस और आईटीसी शामिल हैं। सेंसेक्स की कंपनियों के शेयरहोल्डिंग को देखने से पता चलता है कि चालू वित्तवर्ष की जून की तिमाही के दौरान आधी से ज्यादा प्रमुख कंपनियों में एफआईआई की हिस्सेदारी बढ़ी और इनमें 14 कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी घटाई, जिनमें रिलायंस इंडस्ट्रीज, आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया शामिल हैं। हालांकि एफआईआई ने सेंसेक्स की आधी से ज्यादा कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है, लेकिन यह बहुत महत्वपूर्ण नहीं है, क्योंकि उन्होंने सिर्फ दो कंपनियों लार्सन एंड टूब्रो और हिंदुस्तान यूनिलिवर में एक फीसदी से ज्यादा हिस्सेदारी बढ़ाई है। एलएंडटी में सबसे अधिक 1.2 फीसद विदेशी हिस्सेदारी बढ़ी है, जो चालू वित्तवर्ष की पहली तिमाही के दौरान 16.44 फीसदी हो गई और यह पिछली तिमाही में 15.18 फीसदी थी। जून की तिमाही के दौरान हिंदुस्तान यूनिलिवर में एफआईआई की होल्डिंग करीब 1.09 फीसदी बढ़कर 18.35 फीसदी हो गई, जो मार्च की तिमाही में 7.26 फीसदी थी। इधर सेंसेक्स में जून की तिमाही के दौरान 2.16 फीसदी या 399.37 अंकों की बढ़ोतरी हुई और 30 जून 2011 को 18,845.87 पर बंद हुआ, जो नवंबर के 21,108.64 के स्तर से करीब 10.71 फीसदी कम है। वैश्विक अर्थव्यवस्था में उठा-पटक के मद्देनजर एफआईआई का भारतीय बाजार में निवेश भी निरंतर नहीं रहा है।