खास बातें
- माना जा रहा है कि बहु ब्रांड खुदरा क्षेत्र में एफडीआई की अनुमति के साथ वैश्विक रिटेल शृंखलाओं के लिए कड़ी शर्तें लगाई जाएंगी।
New Delhi: बहु ब्रांड खुदरा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) खोलने जैसे संवेदनशील मुद्दे पर फैसला जल्द हो सकता है। उच्च पदस्थ सूत्रों का कहना है कि इस मुद्दे पर फैसला संसद के मानसून सत्र से पहले हो सकता है। हालांकि, माना जा रहा है कि बहु ब्रांड खुदरा क्षेत्र में एफडीआई की अनुमति के साथ वैश्विक रिटेल शृंखलाओं के लिए कड़ी शर्तें लगाई जाएंगी। इसमें यह शर्त भी होगी कि उन्हें छोटे किराना दुकानदारों को साथ लेकर चलना होगा, क्योंकि वैश्विक रिटेलरों के आने से उनके समक्ष रोजी-रोटी का संकट पैदा होने की आशंका है। सूत्रों ने कहा कि कैबिनेट सचिव अजित कुमार सेठ की अगुवाई वाली सचिवों की समिति जल्द प्रस्ताव को मंत्रिमंडल की मंजूरी के लिए अंतिम रूप देगी। सचिवों की समिति के एक सदस्य ने कहा कि आगामी संसद सत्र से पहले हमें इस पर मंत्रिमंडल की मंजूरी मिलने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि बहु ब्रांड खुदरा कारोबार जैसे संवेदनशील क्षेत्र को एफडीआई के लिए खोले जाने से छोटे दुकानदारों पर पड़ने वाले असर को लेकर काफी चिंता जताई जा रही है, इसलिए इसे मंजूरी देने में कई तरह की शर्तें होंगी। इसमें एक शर्त यह होगी कि रिटेल शृंखलाओं को 30 फीसदी विनिर्मित सामान सूक्ष्म, लघु और मझोले उपक्रमों से खरीदना होगा।