नई दिल्ली:
सरकार डीजल कीमतों को छह माह में नियंत्रणमुक्त कर देगी। पेट्रोलियम मंत्री एम वीरप्पा मोइली ने आज यहां कहा कि डीजल के दाम धीरे-धीरे बढ़ाए जा रहे हैं और छह माह में इसकी कीमतों को नियंत्रणमुक्त किया जाएगा।
मोइली ने यहां केपीएमजी के सम्मेलन में कहा, छह माह में डीजल क्षेत्र नियंत्रणमुक्त होगा। सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियां सरकार द्वारा तय दरों पर डीजल बेचती हैं। ये दरें उत्पादन लागत से कम रखी जाती हैं।
देश में पेट्रोल पंप के जरिये होने वाली पेट्रोलियम उत्पादों की बिक्री में 95 फीसदी हिस्सा इन सरकारी कंपनियों का है।
सरकार ने डीजल से सब्सिडी को समाप्त करने के लिए इस साल जनवरी में पेट्रोलियम कंपनियों को हर माह इस ईंधन की कीमत में 50 पैसे प्रति लिटर की बढ़ोतरी की अनुमति दी थी।
मोइली ने बाद में संवाददाताओं से कहा, डीजल की बिक्री पर होने वाला नुकसान मासिक बढ़ोतरी की वजह से घटकर 2.50 रुपये प्रति लिटर पर आ गया था, लेकिन रुपये में गिरावट की वजह से बाद में यह बढ़कर 14 रुपये प्रति लिटर पर पहुंच गया। फिलहाल डीजल पर प्रति लिटर नुकसान 9.28 रुपये प्रति लिटर है। उन्होंने कहा कि योजनानुसार डीजल कीमतों में मासिक बढ़ोतरी जारी रहेगी, लेकिन इसमें एकमुश्त तीन से चार रुपये प्रति लिटर की बढ़ोतरी नहीं की जाएगी।