यह ख़बर 03 जुलाई, 2012 को प्रकाशित हुई थी

डीजल के दाम भी नियंत्रणमुक्त होने चाहिए : बसु

खास बातें

  • पेट्रोल की तरह डीजल के दाम भी सरकारी नियंत्रण से मुक्त करने की वकालत करते हुए मुख्य आर्थिक सलाहकार कौशिक बसु ने मंगलवार को कहा कि पेट्रोल के दाम में कर के हिस्से को स्थिर कर देने के विचार पर गौर किया जाना चाहिए।
चेन्नई:

पेट्रोल की तरह डीजल के दाम भी सरकारी नियंत्रण से मुक्त करने की वकालत करते हुए मुख्य आर्थिक सलाहकार कौशिक बसु ने मंगलवार को कहा कि पेट्रोल के दाम में कर के हिस्से को स्थिर कर देने के विचार पर गौर किया जाना चाहिए।

पेट्रोल के दाम पर एक छात्र द्वारा पूछे गए सवाल पर बसु ने कहा ‘‘मेरा मानना है पेट्रोल के दाम नियंत्रण से मुक्त होने चाहिए, जैसा कि इस समय इसमें किया जा रहा है। डीजल के दाम भी मुक्त होने चाहिए।

नियंत्रणमुक्त होने का मतलब यह नहीं है कि दाम बढ़ना चाहिए, बल्कि इसका मतलब है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में जब दाम ऊपर जाए तो भारत में भी इसके दाम कुछ बढ़ें और जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में दाम नीचे आए तो भारत में भी इनके दाम नीचे आए।’’

बसु शहर के एक महिला कालेज में ‘‘भारतीय अर्थव्यवस्था समस्या और संभावनायें’’ विषय पर व्याख्यान देने के बाद छात्रों के सवालों का जवाब दे रहे थे।

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बसु ने कहा कि किसी भी वस्तु का दाम लोगों के लिए एक तरह का महत्वपूर्ण संकेत देता है। उन्होंने कहा ‘‘जब प्याज के दाम चढ़ते हैं, तो संकेत मिलता है कि प्याज कम खाना चाहिए, कुछ और खरीदो .. लेकिन डीजल दाम के मामले में यथास्थिति बनाये रखने से बाजार को मिलने वाले महत्वपूर्ण संकेत को ही हमने बंद कर दिया।’’