खास बातें
- तेल कंपनियों का कहना है कि अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये में लगातार आ रही गिरावट और खराब आर्थिक हालात की वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें बढ़ी हैं, जिसके चलते उन पर दबाव बढ़ गया है।
नई दिल्ली: कमजोर रुपये की मार आम लोगों पर काफी जोर से पड़ने जा रही है, क्योंकि डीजल के दाम अब एकमुश्त पांच से छह रुपये प्रति लिटर तक बढ़ सकते हैं।
एनडीटीवी को सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक तेल कंपनियों ने तेल मंत्रालय से इस बढ़ोतरी की इजाजत मांगी है। तेल कंपनियों का कहना है कि अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये की कीमत में लगातार आ रही गिरावट और खराब आर्थिक हालात की वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें बढ़ी हैं, जिसके चलते उन पर भी दबाव बढ़ गया है।
सरकार ने तेल कंपनियों को हर महीने डीजल की कीमत में 50 पैसे प्रति लिटर की बढ़ोतरी करने की इजाजत दी थी। हालांकि साथ में यह शर्त लगाई गई थी कि अगर कीमतें 50 पैसे से ज्यादा बढ़ानी हों, तो उसके लिए कैबिनेट की मंजूरी जरूरी होगी। इस बीच, सीरिया पर अमेरिका की अगुवाई में हमले की आशंका बढ़ गई है, जिसके मद्देनजर कच्चे तेल के दामों में इजाफे की आशंका बढ़ गई है।