खास बातें
- आरबीआई के गवर्नर डी सुब्बाराव ने कहा कि सीपीआई महंगाई के आंकड़ों तक पहुंचने का डब्ल्यूपीआई से बेहतर सूचक है।
मुंबई: भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर डी सुब्बाराव ने आज कहा कि उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) महंगाई के आंकड़ों तक पहुंचने का थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) से ज्यादा बेहतर सूचक है। सुब्बाराव ने रिजर्व बैंक के 5वें सांख्यिकी दिवस आयोजन के मौके पर कहा, तथ्यात्मक रूप से सीपीआई मांग पक्ष के दबाव का डब्ल्यूपीआई से बेहतर संकेतक है। इस तथ्य को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता कि उपभोक्ता मूल्य थोक मूल्य से अधिक बेहतर तरीके से मांग पक्ष के दबाव को दर्शाता है। इसे विस्तार से बताते हुए सुब्बाराव ने कहा कि थोक मूल्यों में निरंतर वृद्धि से या तो रिटेलर दाम बढ़ा देते हैं या फिर उनके मार्जिन पर असर पड़ता है। लेकिन यदि मांग ज्यादा मजबूत है, तो रिटेलर थोक मूल्यों में वृद्धि का बोझ ग्राहकों पर डाल सकते हैं। वहीं यदि मांग कमजोर है, तो रिटेलरों को थोक मूल्यों का बोझ अपने मार्जिन पर ही डालना होगा।