खास बातें
- सरकार एक ऐसी व्यवस्था बनाने की कोशिश कर रही है, जिसके तहत विशाल नकदी भंडार वाली नौ सरकारी कम्पनियां आर्थिक तेजी लाने के लिए चरणबद्ध तरीके से आधारभूत संरचना परियोजनाओं में निवेश करेंगी।
नई दिल्ली: सरकार एक ऐसी व्यवस्था बनाने की कोशिश कर रही है, जिसके तहत विशाल नकदी भंडार वाली नौ सरकारी कम्पनियां आर्थिक तेजी लाने के लिए चरणबद्ध तरीके से आधारभूत संरचना परियोजनाओं में निवेश करेंगी।
आर्थिक कार्य विभाग (डीईए) के सचिव अरविंद मायाराम ने मंगलवार को कहा कि केंद्रीय वित्त मंत्री पी. चिदम्बरम बुधवार को सरकारी कम्पनियों के अध्यक्षों और प्रबंध निदेशकों से मिलेंगे और कम्पनी के निवेश की आखिरी समय सीमा तय करेंगे।
मायाराम ने कहा, "चुनी हुई सरकारी कम्पनियों के पास 1.8 लाख करोड़ रुपये की नकदी है। चुनी हुई परियोजनाओं को समय बद्ध ढंग से कार्यान्वित करने के लिए जल्द ही केंद्रीय मंत्रिमंडल के सामने लाया जाएगा।"
वह यहां फेडरेशन ऑफ इंडियन चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) की राष्ट्रीय कार्यकारी समिति को सम्बोधित कर रहे थे।