खास बातें
- गृहमंत्री पी. चिदंबरम ने विलासिता के सामान पर ऊंचा कर लगाने और उत्तराधिकार में मिली संपत्ति पर भी कर की वकालत की है।
नई दिल्ली: गृहमंत्री पी. चिदंबरम ने सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के समक्ष निम्न कर अनुपात को लेकर चिंता जताते हुए विलासिता के सामान पर ऊंचा कर लगाने और उत्तराधिकार में मिली संपत्ति पर भी कर की वकालत की है। पिछले महीने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में योजना आयोग की पूर्ण बैठक में पूर्व वित्तमंत्री चिदंबरम ने यह बात कही थी। चिदंबरम ने कहा था, वास्तव में हम संसाधन विशेषकर कर संसाधन जुटाने की क्षमता को कम आंक रहे हैं। चूंकि गैर-योजनागत व्यय को कम करना मुश्किल है, अत: कर-जीडीपी अनुपात को निश्चित तौर पर बढ़ाया जाना चाहिए। इसके लिए विलासिता वस्तुओं पर कर लगाने के साथ उत्तराधिकार कर भी लगाया जा सकता है। 21 अप्रैल को हुई बैठक के उपलब्ध ब्योरे के मुताबिक गृहमंत्री ने ज्यादा रोजगार पैदा करने के लिए विनिर्माण क्षेत्र को चुस्त-दुरुस्त करने की जरूरत को रेखांकित किया था। योजना आयोग ने कर-जीडीपी अनुपात को बढ़ाकर 12वीं योजना (2012-17) में 8 प्रतिशत करने का सुझाव दिया है। 11वीं योजना में इसके 7.7 प्रतिशत रहने का अनुमान है। चिदंबरम ने सार्वजनिक उपक्रमों के प्रबंधन में सुधार की भी बात कही। इसके लिए उन्होंने उर्जा तथा बुनियादी ढांचा से संबद्ध सार्वजनिक उपक्रमों तथा मंत्रालयों में प्रबंधकों तथा अधिकारियों का कार्यकाल सुरिक्षत करने पर जोर दिया।