यह ख़बर 17 अक्टूबर, 2012 को प्रकाशित हुई थी

भारत के लिए पूंजी की उपलब्धता सीमित : विश्व बैंक

खास बातें

  • विश्व बैंक में भारत के लिए सीमित पूंजी ही उपलब्ध है, क्योंकि भारत कर्ज लेने की सीमा के करीब पहुंच चुका है। भारत विश्व बैंक का सबसे बड़ा कर्जदार है।
हैदराबाद:

विश्व बैंक में भारत के लिए सीमित पूंजी ही उपलब्ध है, क्योंकि भारत कर्ज लेने की सीमा के करीब पहुंच चुका है। यह बात बैंक के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यहां कही।

अधिकारी ने कहा कि उपलब्ध राशि हालांकि अब भी अरबों में है, लेकिन बैंक का भारत में व्यापक स्तर पर कार्यक्रम जारी है, इसलिए यह जल्दी ही पूरी तरह खप सकता है। भारत विश्व बैंक का सबसे बड़ा कर्जदार है।

विश्व बैंक के दक्षिण एशिया क्षेत्र के टिकाऊ विकास विभाग के निदेशक जॉन एच स्टीन ने कहा, "भारत के साथ हमारा कार्यक्रम काफी विशाल है। यह करीब 27 अरब डॉलर का है।"

वह जैव विविधता पर संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन के दौरान एक कार्यक्रम से इतर मौके पर संवाददाताओं से बात कर रहे थे।

उन्होंने कहा, "भारत के साथ हमारी चुनौती यह है कि भारत कर्ज सीमा के निकट पहुंच चुका है। अब भारतीय कार्यक्रम के लिए सीमित पूंजी ही उपलब्ध है। इसलिए सरकार प्राथमिकता तय करने में काफी सावधानी बरत रही है।"

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जॉन ने कहा कि भारत ने दो परियोजनाओं के लिए विश्व बैंक से अनुरोध किया है और इनके अगले साल मंजूर हो जाने की उम्मीद है।