खास बातें
- बिल्डरों ने कहा है कि प्रभावित परियोजनाओं में फ्लैट खरीदने वालों को आवास ऋण पर ब्याज भुगतान की लागत समेत पूरा पैसा वापस किया जाएगा।
नोएडा: नोएडा एक्सटेंशन में कुछ परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण सुप्रीम कोर्ट द्वारा निलंबित किए जाने के चलते 500-600 करोड़ रुपये नुकसान होने का दावा कर रहे बिल्डरों ने गुरुवार को कहा कि मकान के खरीदारों को आवास ऋण पर ब्याज भुगतान की लागत समेत उनका पूरा पैसा वापस किया जाएगा। रीयल एस्टेट डेवलपरों की संस्था क्रेडाई ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि नोएडा एक्सटेंशन की परियोजनाएं प्रभावित होने से उन्हें 500-600 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है। हालांकि, उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं में मकान खरीदने वाले ग्राहक नुकसान नहीं उठाएंगे और उन्हें अन्य परियोजनाओं में मकान खरीदने या उनके भुगतान का रिफंड का विकल्प दिया जा रहा है। आम्रपाली डेवलपर्स के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक अनिल शर्मा ने कहा कि हम ग्राहकों को दूसरी परियोजनाओं में ले जाएंगे या ब्याज के साथ पैसा लौटाएंगे। हम कम से कम आवास ऋण पर ब्याज के भुगतान की रक्षा करेंगे। डेवलपरों को रिफंड के लिए अभी तक करीब 500 आवेदन मिले हैं। हालांकि, ज्यादातर खरीदार दूसरी जगह पर फ्लैट चाहते हैं, लेकिन आवंटन की पुरानी दरों पर। कई खरीदारों को डेवलपरों के पास उपलब्ध वैकल्पिक स्थानों पर मकान दिए जा रहे हैं। आम्रपाली और सुपरटेक उन कंपनियों में शामिल हैं, जिनकी परियोजनाएं सुप्रीम कोर्ट के आदेश से प्रभावित हुई हैं।