राजकोषीय घाटा 2025-26 तक 4.5 प्रतिशत से नीचे लाया जाएगा : निर्मला सीतारमण

राज्यों को सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 3.5 प्रतिशत तक राजकोषीय घाटे की अनुमति होगी.

राजकोषीय घाटा 2025-26 तक 4.5 प्रतिशत से नीचे लाया जाएगा : निर्मला सीतारमण

वित्तमंंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में बजट 2023 पेश किया.

नई दिल्ली:

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को कहा कि राजकोषीय घाटे को वित्त वर्ष 2025-26 तक कम करके 4.5 प्रतिशत से नीचे लाया जाएगा. उन्होंने यह भी कहा कि बजट में अगले वित्त वर्ष के लिए कर प्राप्तियों को 23.3 लाख करोड़ रुपये पर रखा गया है. इसके अलावा राज्यों को सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 3.5 प्रतिशत तक राजकोषीय घाटे की अनुमति होगी. लोकसभा में 2023-24 के लिए आम बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि अगले वित्त वर्ष में राजकोषीय घाटे की भरपाई करने के लिए, दिनांकित प्रतिभूतियों से शुद्ध बाजार कर्ज 11.8 लाख करोड़ रुपये अनुमानित है.

वित्त वर्ष 2022-23 के लिए संशोधित अनुमान में वित्त मंत्री ने राजकोषीय घाटे का लक्ष्य 6.4 प्रतिशत रखा है. हालांकि, अगले वित्त वर्ष के लिए इसे घटाकर 5.9 प्रतिशत कर दिया है. चालू वित्त वर्ष के लिए सरकार ने इसे जीडीपी के 6.4 प्रतिशत पर रखा था. 

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चालू वित्त वर्ष में राजकोषीय घाटा 16,61,196 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है.



(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)