खास बातें
- नागरिक उड्डयन मंत्री अजीत सिंह ने कहा है कि घाटे में चल रही एयरलाइंस किंगफिशर को बंद करने बाबत फैसला विजय माल्या ही लेंगे।
नई दिल्ली: ऋण के बोझ तले दबी निजी क्षेत्र की किंगफिशर एयरलाइंस का लाइसेंस रद्द करने की संभावना को लगभग खारिज करते हुए नागरिक विमानन मंत्री अजित सिंह ने कहा है कि एयरलाइन को बंद करने का फैसला कंपनी के प्रवर्तक विजय माल्या को करना है।
सिंह ने एक निजी समाचार चैनल के साथ साक्षात्कार में कहा, ‘‘नियमों के अनुसार हम तब तक किसी एयरलाइन का लाइसेंस रद्द नहीं कर सकते हैं जब तक कि उसके पास पांच विमान और कुछ इक्विटी है।’’ मंत्री ने कहा, ‘‘यदि किंगफिशर बंद होती है तो इससे यात्रियों के साथ कंपनी के कर्मचारियों को भी दिक्कत होगी। किंगफिशर कुछ ऐसे गंतव्यों को उड़ान सेवाएं देती है जहां अन्य एयरलाइंस नहीं जातीं। साथ ही इसने काफी लोगों को रोजगार दिया हुआ है।’’
सिंह ने कहा, ‘‘यह निर्णय माल्या को करना कि क्या वह कारोबार में रहना चाहते हैं। यदि यात्रियों की सुरक्षा खतरे में पड़ेगी तो किंगफिशर को नहीं उड़ने दिया जाएगा।’’ किंगफिशर एयरलाइंस के प्रवर्तक माल्या ने अजित सिंह के साथ मुलाकात कर उन्हें एयरलाइन की समस्याओं के बारे में बताया। साथ ही उन्होंने नागरिक विमानन महानिदेशालय को गर्मियों के लिए 25 मार्च से शुरू होने वाली समयसारिणी सौंपी। इसमें कंपनी ने कहा है कि वह 20 विमानों के जरिए प्रतिदिन 100 दैनिक उड़ानों का परिचालन करेगी। बैठक के बारे में सिंह ने बताया कि किंगफिशर ने उड़ानों की संख्या 400 से घटाकर 100 कर दी है।