यह ख़बर 14 मई, 2012 को प्रकाशित हुई थी

पायलट हड़ताल से एयर इंडिया को 100 करोड़ रुपये का घाटा

खास बातें

  • एयर इंडिया के पायलटों के पिछले आठ दिनों से लगातार हड़ताल पर बने रहने से विमानन कम्पनी को 100 करोड़ रुपये का घाटा हो चुका है।
नई दिल्ली/मुम्बई:

एयर इंडिया के पायलटों के पिछले आठ दिनों से लगातार हड़ताल पर बने रहने से विमानन कम्पनी को 100 करोड़ रुपये का घाटा हो चुका है। यह बात एक अधिकारी ने सोमवार को कही।

पायलटों के सोमवार को भी सामूहिक रूप से चिकित्सा अवकाश पर रहने के कारण एयर इंडिया को 14 अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को रद्द करना पड़ा। विमानन कम्पनी की किफायती अंतरराष्ट्रीय सहायक इकाई एयर इंडिया एक्सप्रेस को भी चार उड़ानें रद्द करनी पड़ीं। इस गतिरोध का प्रभाव घरेलू उड़ानों पर पड़ा है।

एयर इंडिया के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, "सप्ताह में कुल लगभग 100 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। हमें टिकटों के रद्द किए जाने, बेकार पड़े श्रम और हमारे 777 विमानों के बेकार पड़े रहने से दो-चार होना पड़ा।" उन्होंने कहा कि तीन से चार दिनों में आपात योजना लागू की जाएगी, जिसमें एक निश्चित संख्या में अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का संचालन किया जाएगा। उन्होंने कहा, "हम स्थिति पर निगाह रखे हुए हैं और यात्रियों को जरूरी सूचनाएं दे रहे हैं।"

कम्पनी ने अत्यधिक लम्बी दूरी के मार्गों पर 15 मई तक टिकटों की बुकिंग बंद रखी है। इसके साथ ही वह अन्य लम्बे मार्गों पर रोजाना 15 से अधिक टिकटें रद्द कर रही है।

इस अवधि में कम्पनी के बोइंग 777 विमानों में से अधिकतर बेकार पड़े रहे, इसके अलावा इसके रखरखाव पर भी खर्च आया।

इस बीच, कम्पनी के पांच स्वतंत्र निदेशकों ने यहां एक बैठक में पायलटों को बर्खास्त करने और इंडियन पायलट गिल्ड (आईपीजी) की मान्यता रद्द करने के प्रबंधन के फैसले को सही ठहराया।

इससे पहले सोमवार को ही केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री अजित सिंह ने फिर दोहराया कि पायलट पर काम पर लौट आएं उसके बाद उनके मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।

गिल्ड के पायलटों के उनसे मिलने के लिए आने के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा, "मुलाकात की पहले सूचना नहीं थी। मेरे निजी सहायक ने बताया कि वे आए थे, लेकिन इसकी योजना नहीं थी। मुझे पता नहीं चला। मुझे पता नहीं चला कि वे आए थे और फिर चले गए।"

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पूर्व विमानन कम्पनी इंडियन एयरलाइंस के पायलटों को बोइंग-787 ड्रीमलाइनर विमान प्रशिक्षण के लिए उपलब्ध कराने के सरकार के फैसले से नाराज होकर इंडियन पायलट्स गिल्ड (आईपीजी) से सम्बंधित पायलट आठ मई से सामूहिक चिकित्सा अवकाश पर हैं।