यह ख़बर 05 जुलाई, 2012 को प्रकाशित हुई थी

एयर इंडिया प्रबंधन, पायलटों में अब भी आरोप-प्रत्यारोप

खास बातें

  • सार्वजनिक क्षेत्र की विमानन कम्पनी एयर इंडिया के पायलटों की 59 दिनों की हड़ताल के समाप्त होने के एक दिन बाद गुरुवार को भी प्रबंधन के साथ समन्वय स्थापित नहीं हो पाया है।
नई दिल्ली:

सार्वजनिक क्षेत्र की विमानन कम्पनी एयर इंडिया के पायलटों की 59 दिनों की हड़ताल के समाप्त होने के एक दिन बाद गुरुवार को भी प्रबंधन के साथ समन्वय स्थापित नहीं हो पाया है।
 
प्रबंधन का कहना है कि उन्हें हड़ताल समाप्त होने की औपचारिक सूचना नहीं मिली है, जबकि पायलटों का कहना है कि उन्होंने कम्पनी के प्रमुख को लिखित रूप में जानकारी दी है।
 
कम्पनी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "हमें सिर्फ समाचार माध्यमों से जानकारी मिली है कि हड़ताल समाप्त हो चुकी है। पायलटों या उनके वकीलों ने औपचारिक सूचना नहीं दी है।"
 
जबकि पायलटों का कहना है कि उन्होंने एयर इंडिया के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक रोहित नंदन को सूचित किया है कि हड़ताल समाप्त हो चुकी है।
 
हड़ताली पायलटों के संघ 'इंडियन पायलट गिल्ड' के समिति सदस्य राहित कपाही ने कहा, "हमने कल (बुधवार) अध्यक्ष और प्रबंधन निदेशक को पत्र लिखा है। हम उच्च न्यायालय में भी हलफनामा दाखिल कर रहे हैं कि हम काम पर वापसी चाहते हैं और इसके लिए तैयार हैं।"
 
विमानन कम्पन के अधिकारियों के मुताबिक काम पर वापसी से पहले पायलटों को चार परीक्षाओं से गुजरना होगा, जिसमें 15 से 20 दिन लग सकते हैं।
 
एयर इंडिया और इंडियन एयरलाइंस का 2007 में विलय कर दिया गया था। उम्मीद की गई थी कि इससे बनने वाली एक कम्पनी विलय के पहले साल में ही 1000 करोड़ रुपये का मुनाफा देगी।
 
पुरानी एयर इंडिया के पायलट आठ मई से सामूहिक अवकाश पर चले गए थे। वे पुरानी इंडियन एयरलाइंस के पायलटों को बोइंग-787 ड्रीमलाइनर पर प्रशिक्षण दिए जाने का विरोध कर रहे थे।
 
पायलटों की हड़ताल से अब तक विमानन कम्पनी को 625 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंच चुका है, जो तब तक और बढ़ता रहेगा, जब तक कि उड़ानों का संचालन हड़ताल से पहले वाले स्तर पर नहीं होने लगता।


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