यह ख़बर 26 अप्रैल, 2011 को प्रकाशित हुई थी

लाखों भारतीयों को गरीबी में धकेल सकती है महंगाई : एडीबी

खास बातें

  • एशियाई विकास बैंक ने आगाह किया है कि भारत में बढ़ती खाद्य कीमतें लाखों लोगों को भारी गरीबी में धकेल सकती है।
New Delhi:

एशियाई विकास बैंक ने आगाह किया है कि भारत में बढ़ती खाद्य कीमतें लाखों लोगों को भारी गरीबी में धकेल सकती है। मनीला के इस प्रमुख बहुपक्षीय बैंक (एडीबी) ने अपनी एक रपट 'वैश्विक खाद्य कीमत, मुद्रास्फीति और विकासशील एशिया' में यह चेतावनी दी है। इसमें कहा गया है कि खाद्य कीमतों में दस प्रतिशत वृद्धि से ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले और 2.3 करोड़ भारतीय तथा शहरी क्षेत्र में रहने वाले 66.8 करोड़ लोग गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) की आय वाले लोगों में जुड़ जाएंगे। 1.25 डॉलर या लगभग 55.65 रु से कम दैनिक आय वालों को गरीबी की रेखा के नीचे माना जाता है। इसी तरह अगर खाद्य कीमतों में 20 प्रतिशत वृद्धि हुई तो ग्रामीण और शहरी इलाकों में गरीबी रेखा के नीचे जाने वाले अतिरिक्त भारतीयों की संख्या क्रमश: 4.564 करोड़ और 1.336 करोड़ होगी। महंगाई में जितनी अधिक बढ़ोतरी होगी बीपीएल से नीचे जाने वाले भारतीयों की संख्या उसी अनुपात में बढ़ती जाएगी। एडीबी के ये आंकड़े ऐसे समय में आए हैं जबकि योजना आयोग के शुरुआती आंकड़ों के अनुसार 2009-10 में भारत में गरीबी घटकर 32 प्रतिशत रहने का अनुमान है जो पांच साल पहले 37.2 प्रतिशत थी। बीते वित्त वर्ष के अधिकांश समय देश में खाद्य मुद्रास्फीति दहाई अंक से अधिक रही थी। हालांकि मार्च के बाद से इसमें नरमी का रुख है लेकिन अब भी यह सरकार के 5-6 प्रतिशत के आरामदायक स्तर से बहुत ऊंची है।


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