- अनिल अग्रवाल के इकलौते बेटे अग्निवेश अग्रवाल के अचानक निधन से परिवार और व्यापार जगत में चिंता बढ़ गई है
- बेटी प्रिया अग्रवाल हेब्बार वेदांत ग्रुप में ESG ट्रांसफॉर्मेशन को लेकर सक्रिय भूमिका निभा रही हैं
- प्रिया को वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की यंग ग्लोबल लीडर्स क्लास ऑफ 2024 में शामिल किया गया है
Anil Agarwal Daughter Priya Agarwal Hebbar: माइनिंग किंग और वेदांत रिसोर्सेज के चेयरमैन अनिल अग्रवाल के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. उनके इकलौते बेटे अग्निवेश अग्रवाल के अचानक निधन ने न केवल परिवार को झकझोर दिया है, बल्कि व्यापार जगत में इस चर्चा को भी तेज कर दिया है कि अब अनिल अग्रवाल के बड़े कारोबार का भविष्य क्या होगा?
बेटे की मौत से खड़ा हुआ बड़ा सवाल
अनिल अग्रवाल ने फर्श से अर्श तक का सफर तय कर करीब 35,000 करोड़ रुपये का नेटवर्थ खड़ा किया. उनके बेटे अग्निवेश, जो दुबई में रहते थे, को लेकर माना जा रहा था कि वे भविष्य में ग्रुप की बड़ी जिम्मेदारी संभाल सकते हैं. हालांकि, वे सीधेतौर पर वेदांत के बोर्ड में शामिल नहीं थे, लेकिन फुजुराह गोल्ड जैसी कंपनियों के जरिए वे बिजनेस से जुड़े थे. उनके निधन के बाद अब सबकी निगाहें परिवार की अगली पीढ़ी पर टिक गई हैं.
अनिल अग्रवाल की बेटी प्रिया अग्रवाल हेब्बार को वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) की यंग ग्लोबल लीडर्स क्लास ऑफ 2024 में शामिल किया गया है.
हिंदुस्तान जिंक में आज 5 महिला और 4 पुरुष बोर्ड मेंबर्स हैं. भारत की पहली ऑल-वुमन माइन रेस्क्यू टीम भी प्रिया के विजन का नतीजा है.
प्रिया वेदांता ग्रुप में पर्यावरण, सामाजिक और गवर्नेंस यानी ESG ट्रांसफॉर्मेशन का को लीड कर रही हैं.
बेटी प्रिया अग्रवाल संभालेंगी बागडोर?
अग्निवेश के जाने के बाद, अनिल अग्रवाल की बेटी प्रिया अग्रवाल हेब्बार अब उत्तराधिकार की दौड़ में सबसे आगे मानी जा रही हैं. प्रिया अभी वेदांत लिमिटेड की नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर हैं और कंपनी के बड़े फैसलों में उनकी सक्रिय भूमिका रहती है. वे न केवल बिजनेस बल्कि पर्यावरण और सामाजिक सरोकारों (ESG) के क्षेत्र में भी ग्रुप को आगे बढ़ा रही हैं.
लोकल बस से सफर और सादगी भरा बचपन
अरबपति पिता की बेटी होने के बावजूद प्रिया का बचपन सादगी में बीता. अनिल अग्रवाल ने खुद सोशल मीडिया पर साझा किया था कि प्रिया ने कभी कोई अलग से अपने लिए अधिकार नहीं मांगे. लंदन जैसे शहर में रहने के बावजूद उन्होंने पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल किया. पिता ने उन्हें हमेशा एक फाइटर बनना सिखाया.
16 साल की उम्र में शुरू किया अपना सपना
प्रिया ने सिर्फ 16 साल की उम्र में उन्होंने अपने पिता से एक रुपया लिए बिना अपना ड्रीम प्रोजेक्ट YODA (Youth Organization in Defense of Animals) शुरू किया. फंड जुटाने से लेकर जानवरों के रेस्क्यू तक, उन्होंने सब कुछ खुद संभाला. आज YODA महाराष्ट्र के सबसे बड़े पशु कल्याण संगठनों में से एक है.
हिंदुस्तान जिंक में रचा इतिहास
प्रिया के नेतृत्व में कंपनी ने 1 मिलियन टन के माइंड मेटल प्रोडक्शन का ऐतिहासिक आंकड़ा पार किया.
कितनी है नेटवर्थ
Q4 2025 के अनुसार, प्रिया अग्रवाल के 15 स्टॉक्स में किए गए इन्वेस्टमेंट की वैल्यू 2,133.6 करोड़ रुपये (लगभग $250 मिलियन) से ज्यादा है.
फैमिली और विजन
2013 में आकाश हेब्बर के साथ शादी के बंधन में बंधी प्रिया आज एक मां भी हैं और अपनी प्रोफेशनल और पर्सनल लाइफ को बखूबी बैलेंस करती हैं. अपने भाई अग्निवेश अग्रवाल के बाद, प्रिया पर परिवार और बिजनेस दोनों की बड़ी जिम्मेदारी है.














